📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / David Wilkie
सरकारी योजना
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ने पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ता के लिए पारस्परिक सहमति नियम को समाप्त किया
✍️ News Riveting
🗓 20 जुल. 2026, 10:34 AM
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दोनों राज्यों ने पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते के वितरण को नियंत्रित करने वाले पारस्परिक सहमति नियम को समाप्त कर दिया, जिससे लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया सरल हो गई।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों ने पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते के भुगतान के लिए पहले आवश्यक पारस्परिक सहमति नियम को समाप्त करने की घोषणा की है। इस नियम के तहत पेंशनभोगी और राज्य प्राधिकरण दोनों को राशि पर सहमति करनी पड़ती थी।
नई दिशा-निर्देश के अनुसार, महंगाई भत्ता पेंशनभोगियों के खातों में स्वचालित रूप से जमा किया जाएगा, बिना किसी अलग सहमति प्रक्रिया के। यह निर्णय प्रशासनिक देरी को कम करने और लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
दोनों राज्यों के पेंशनभोगी इस बदलाव से लाभान्वित होंगे, क्योंकि इससे भुगतान प्रक्रिया में एक नौकरशाही बाधा समाप्त हो गई है। यह परिवर्तन पेंशन वितरण तंत्र को सरल बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि सहमति नियम को हटाने से पात्रता मानदंड या भत्ते की राशि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि केवल भुगतान प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
नई दिशा-निर्देश के अनुसार, महंगाई भत्ता पेंशनभोगियों के खातों में स्वचालित रूप से जमा किया जाएगा, बिना किसी अलग सहमति प्रक्रिया के। यह निर्णय प्रशासनिक देरी को कम करने और लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
दोनों राज्यों के पेंशनभोगी इस बदलाव से लाभान्वित होंगे, क्योंकि इससे भुगतान प्रक्रिया में एक नौकरशाही बाधा समाप्त हो गई है। यह परिवर्तन पेंशन वितरण तंत्र को सरल बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि सहमति नियम को हटाने से पात्रता मानदंड या भत्ते की राशि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि केवल भुगतान प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।