📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / vasu at en.wikipedia
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स्थानीय
एमपी: 23 शहरी परियोजनाएँ ₹6,637 करोड़ के अटके, विकास की गति धीमी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 22 सित. 2026, 09:45 AM
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मध्यप्रदेश की 23 शहरी परियोजनाएँ, जिनकी कुल लागत ₹6,637 करोड़ है, रेलवे, NHAI, वन-पर्यावरण और जमीन से जुड़ी मंजूरीयों के कारण अटकी हुई हैं, जिससे विकास की गति धीमी पड़ रही है।
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश में ₹6,637 करोड़ से अधिक मूल्य की 23 शहरी विकास परियोजनाओं को रेखांकित किया है। इन योजनाओं में सड़क, परिवहन और नागरिक बुनियादी ढाँचे के कार्य शामिल हैं, जो अभी भी कई एजेंसियों से मंजूरी का इंतज़ार कर रही हैं।
मुख्य बाधाएँ भारतीय रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), वन और पर्यावरण प्राधिकरणों से अनुमोदन की कमी और भूमि अधिग्रहण से संबंधित अनसुलझे मुद्दे हैं। इस देरी के कारण कई प्रमुख परियोजनाओं की समयसीमा पीछे हो गई है।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक अनुमोदन मिलने पर परियोजनाएँ फिर से शुरू होंगी और राज्य की आर्थिक वृद्धि व शहरी कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस बीच, स्थानीय व्यवसायों और यात्रियों पर प्रभाव पड़ रहा है, जो बेहतर बुनियादी ढाँचे की उम्मीद कर रहे थे।
सरकार ने अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का वादा किया है और भूमि व पर्यावरणीय बाधाओं को दूर करने के लिए एक समर्पित कार्य बल स्थापित किया है। हालांकि, कार्यवाही के पुनः आरम्भ की सटीक तिथि अभी भी अनिश्चित है।
हितधारक इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन और राज्य के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
मुख्य बाधाएँ भारतीय रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), वन और पर्यावरण प्राधिकरणों से अनुमोदन की कमी और भूमि अधिग्रहण से संबंधित अनसुलझे मुद्दे हैं। इस देरी के कारण कई प्रमुख परियोजनाओं की समयसीमा पीछे हो गई है।
राज्य के अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक अनुमोदन मिलने पर परियोजनाएँ फिर से शुरू होंगी और राज्य की आर्थिक वृद्धि व शहरी कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस बीच, स्थानीय व्यवसायों और यात्रियों पर प्रभाव पड़ रहा है, जो बेहतर बुनियादी ढाँचे की उम्मीद कर रहे थे।
सरकार ने अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का वादा किया है और भूमि व पर्यावरणीय बाधाओं को दूर करने के लिए एक समर्पित कार्य बल स्थापित किया है। हालांकि, कार्यवाही के पुनः आरम्भ की सटीक तिथि अभी भी अनिश्चित है।
हितधारक इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन और राज्य के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।