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05 नव. 2026•
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मोबाइल रिचार्ज के खर्च में मिल सकती है राहत, सरकार ने शुरू की फीस घटाने की तैयारी
टेक्नोलॉजी

मोबाइल रिचार्ज के खर्च में मिल सकती है राहत, सरकार ने शुरू की फीस घटाने की तैयारी

✍️ रिपोर्टर: Vishwanath Pratap Singh 🗓 20 सित. 2026, 07:28 AM 👁 90
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हर महीने मोबाइल रिचार्ज पर होने वाला खर्च लोगों के बजट का अहम हिस्सा बन गया है। ऐसे में Jio, Airtel और Vi के ग्राहकों के लिए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक संभावित राहत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार टेलीकॉम कंपनियों पर लगने वाली कुछ फीस और शुल्क में कटौती के विकल्प पर विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो कंपनियों के लिए लागत कम हो सकती है और उसका फायदा भविष्य में ग्राहकों को सस्ते रिचार्ज प्लान के रूप में मिल सकता है।हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में कितनी कमी होगी और कंपनियां अपने प्लान के दाम घटाएंगी या नहीं।
सरकार टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े शुल्क में कर सकती है बदलाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, टेलीकॉम सेक्टर में शुल्क कम करने को लेकर सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। इस चर्चा में टेलीकॉम मंत्रालय और नीति आयोग से जुड़े स्तरों का भी उल्लेख किया जा रहा है।वर्तमान व्यवस्था के तहत टेलीकॉम कंपनियों को अपनी समायोजित सकल आय पर लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के रूप में भुगतान करना पड़ता है। कुल बोझ को कम करने के लिए इस शुल्क को करीब 8 प्रतिशत से घटाकर 3 से 4 प्रतिशत के आसपास करने के विकल्प पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।

ग्रामीण इंटरनेट फंड को लेकर भी सामने आया विकल्प

टेलीकॉम कंपनियों से वसूली जाने वाली राशि का एक हिस्सा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने से जुड़े सरकारी फंड में जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फंड में पहले से पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के कारण सरकार कुछ समय के लिए वसूली कम करने या रोकने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।अगर टेलीकॉम कंपनियों का शुल्क बोझ घटता है, तो इससे उनके संचालन की लागत पर असर पड़ सकता है। इसके बाद कंपनियां ग्राहकों के लिए अपने टैरिफ में बदलाव करने का फैसला ले सकती हैं।

पिछली टैरिफ बढ़ोतरी के बाद बढ़ा था ग्राहकों का खर्च

पिछले टैरिफ संशोधन के बाद Jio, Airtel और Vi के कई रिचार्ज प्लान महंगे हुए थे। 28, 56 और 84 दिन की वैधता वाले प्लान में भी कीमतों में बदलाव देखने को मिला था। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ा जो हर महीने या तय अंतराल पर मोबाइल रिचार्ज कराते हैं।विशेष रूप से सीमित आय वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी का खर्च बढ़ना एक अतिरिक्त बोझ माना गया।

अभी रिचार्ज सस्ता होने की आधिकारिक घोषणा नहीं

सबसे जरूरी बात यह है कि फिलहाल सरकार की ओर से ऐसा कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है, जिसमें Jio, Airtel या Vi के रिचार्ज प्लान की कीमत सीधे कम करने की घोषणा की गई हो। शुल्क में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है और अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इसका फायदा ग्राहकों को कितना मिलेगा।इसलिए फिलहाल सस्ते रिचार्ज की खबर को संभावित राहत के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि लागू हो चुके नए टैरिफ के रूप में।
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