📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Odisha
मौसम
ओडिशा में कम दबाव प्रणाली से चार दिन की तेज़ बारिश का अलर्ट
✍️ Kanak News Odisha
🗓 30 अग. 2026, 04:32 AM
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कम दबाव प्रणाली के कारण ओडिशा में अगले चार दिनों तक तेज़ बारिश की संभावना है, जिससे भारी बारिश अलर्ट जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव प्रणाली की पहचान की है, जो ओडिशा में नमी के प्रवाह को बढ़ाकर अगले चार दिनों तक लगातार तेज़ बारिश लाएगी। इस प्रणाली से कई जिलों में दैनिक औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
राज्य ने भारी बारिश अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय करने तथा नदियों और निचले इलाकों में जल स्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया है। प्रारंभिक पूर्वानुमान में शहरी क्षेत्रों और कृषि क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव का जोखिम बढ़ा हुआ बताया गया है।
मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि सबसे अधिक वर्षा प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे के बीच होगी, जिसमें दूसरे और तीसरे दिन तीव्र बारिश की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि कम दबाव प्रणाली बनी रह सकती है, जिससे प्रतिकूल मौसम की अवधि प्रारंभिक अनुमान से अधिक लंबी हो सकती है।
निवासियों को आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहने, भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और संभावित जल क्षति से संपत्ति की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है। अचानक बाढ़ या भूस्खलन की स्थिति में सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय कर दी गई हैं।
राज्य ने भारी बारिश अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय करने तथा नदियों और निचले इलाकों में जल स्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया है। प्रारंभिक पूर्वानुमान में शहरी क्षेत्रों और कृषि क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव का जोखिम बढ़ा हुआ बताया गया है।
मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि सबसे अधिक वर्षा प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे के बीच होगी, जिसमें दूसरे और तीसरे दिन तीव्र बारिश की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि कम दबाव प्रणाली बनी रह सकती है, जिससे प्रतिकूल मौसम की अवधि प्रारंभिक अनुमान से अधिक लंबी हो सकती है।
निवासियों को आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहने, भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और संभावित जल क्षति से संपत्ति की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है। अचानक बाढ़ या भूस्खलन की स्थिति में सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय कर दी गई हैं।