📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
अपराध
सागर में लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों को बिल के बदले रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 03:45 PM
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मध्य प्रदेश के सागर में लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के डिविजनल अकाउंटेंट और लिपिक को मझगाँय बांध की नहर निर्माण परियोजना के अंतिम बिल के भुगतान के बदले रिश्वत माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया।
मध्य प्रदेश के सागर में लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के दो कर्मचारियों – एक डिविजनल अकाउंटेंट और एक लिपिक – को भ्रष्टाचार के संदेह में हिरासत में ले लिया है। आरोप है कि उन्होंने मझगाँय बांध की नहर निर्माण परियोजना के अंतिम बिल को मंजूरी देने के बदले ठेकेदार से रिश्वत की मांग की।
पुलिस के अनुसार, कार्य समाप्त होने के बाद ये अधिकारी ठेकेदार के पास पहुँचे और बिल के भुगतान से पहले एक निश्चित राशि की माँग की। यह माँग ठेकेदार ने लोकायुक्त को सूचित की, जिससे जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी हुई।
लोकायुक्त कार्यालय ने बताया कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम के तहत की गई है, जो सार्वजनिक पदों पर भ्रष्टाचार की जांच करने का अधिकार देता है। गिरफ्तार कर्मचारियों को आगे की जांच के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है और मामला जिला अदालत को सौंपा जाएगा।
रिश्वत की वास्तविक राशि या ठेकेदार के नाम के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। जांच जारी है और जल संसाधन विभाग को इस भ्रष्टाचार जांच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, कार्य समाप्त होने के बाद ये अधिकारी ठेकेदार के पास पहुँचे और बिल के भुगतान से पहले एक निश्चित राशि की माँग की। यह माँग ठेकेदार ने लोकायुक्त को सूचित की, जिससे जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी हुई।
लोकायुक्त कार्यालय ने बताया कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम के तहत की गई है, जो सार्वजनिक पदों पर भ्रष्टाचार की जांच करने का अधिकार देता है। गिरफ्तार कर्मचारियों को आगे की जांच के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है और मामला जिला अदालत को सौंपा जाएगा।
रिश्वत की वास्तविक राशि या ठेकेदार के नाम के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। जांच जारी है और जल संसाधन विभाग को इस भ्रष्टाचार जांच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।