📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajeshodayanchal
राजनीति
लोकसभा स्पीकर ने गोवा के लिए 25‑साल का विकास रोडमैप मांगा
✍️ The Times of India
🗓 07 अक्टू. 2026, 06:16 AM
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लोकसभा स्पीकर ने गोवा के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए 25‑साल का व्यापक योजना बनाने की मांग की, केंद्र और राज्य सरकारों को दीर्घकालिक विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।
हाल ही में हुई संसद की बैठक में लोकसभा स्पीकर ने गोवा के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए 25‑साल की दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को समाहित कर राज्य में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्पीकर ने यह अपील केंद्र के विकास मंत्रालय और गोवा राज्य सरकार दोनों को की, जिससे वे मिलकर स्पष्ट लक्ष्य और मापनीय चरण निर्धारित कर सकें। जबकि कोई विशिष्ट परियोजना का उल्लेख नहीं किया गया, उन्होंने कहा कि यह रोडमैप गोवा की विशिष्ट सांस्कृतिक और पर्यटन‑आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखेगा।
स्थानीय अधिकारियों और नागरिक समाज के समूहों को इस योजना को आकार देने के लिए परामर्श प्रक्रिया में भाग लेने की उम्मीद है। स्पीकर का यह आह्वान भारत में क्षेत्रीय विकास के लिए रणनीतिक, बहु‑वर्षीय योजना बनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
यदि इसे अपनाया जाता है, तो यह रोडमैप अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जिससे अल्पकालिक पहलों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ संरेखित किया जा सके और नीति निरंतरता व संसाधन आवंटन में सुधार हो सके।
प्रस्ताव को आगामी संसद समितियों में चर्चा के लिए भेजा गया है, जहाँ कार्यान्वयन की व्यवहार्यता, वित्तीय स्रोत और समय‑सीमा पर विस्तृत विचार किया जाएगा।
स्पीकर ने यह अपील केंद्र के विकास मंत्रालय और गोवा राज्य सरकार दोनों को की, जिससे वे मिलकर स्पष्ट लक्ष्य और मापनीय चरण निर्धारित कर सकें। जबकि कोई विशिष्ट परियोजना का उल्लेख नहीं किया गया, उन्होंने कहा कि यह रोडमैप गोवा की विशिष्ट सांस्कृतिक और पर्यटन‑आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखेगा।
स्थानीय अधिकारियों और नागरिक समाज के समूहों को इस योजना को आकार देने के लिए परामर्श प्रक्रिया में भाग लेने की उम्मीद है। स्पीकर का यह आह्वान भारत में क्षेत्रीय विकास के लिए रणनीतिक, बहु‑वर्षीय योजना बनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
यदि इसे अपनाया जाता है, तो यह रोडमैप अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जिससे अल्पकालिक पहलों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ संरेखित किया जा सके और नीति निरंतरता व संसाधन आवंटन में सुधार हो सके।
प्रस्ताव को आगामी संसद समितियों में चर्चा के लिए भेजा गया है, जहाँ कार्यान्वयन की व्यवहार्यता, वित्तीय स्रोत और समय‑सीमा पर विस्तृत विचार किया जाएगा।