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राजनीति
20 तृणमणि सांसदों को विस्थापन याचिकाओं पर लोकसभा सचिवालय से नोटिस
✍️ Hindustan Times
🗓 27 अग. 2026, 08:48 AM
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लोकसभा सचिवालय ने 20 तृणमणि सांसदों को विस्थापन याचिकाओं के संबंध में आधिकारिक नोटिस दिया, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जो प्रक्रिया को तेज करने के लिए है, क्योंकि उनके एनसीपीआई के साथ विलय से दसवें अनुसूची के उल्लंघन का संदेह है।
लोकसभा सचिवालय ने तृणमणि कांग्रेस के 20 सांसदों को आधिकारिक नोटिस भेजा है, जिसमें उन्हें सूचित किया गया है कि उनकी विस्थापन याचिकाएँ समीक्षा के अधीन हैं। यह नोटिस संसद के नियमों के अनुसार विस्थापन निर्णय लेने से पहले आवश्यक प्रक्रियात्मक कदमों का हिस्सा है।
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा को विस्थापन प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया, यह कहते हुए कि सांसदों का एनसीपीआई में शामिल होना दसवें अनुसूची के उल्लंघन का संकेत हो सकता है। इस आदेश का उद्देश्य मामले को शीघ्र और पारदर्शी ढंग से निपटाना है।
20 सांसद तृणमणि कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी ने उनके विस्थापन के लिए याचिकाएँ दायर कीं। सचिवालय ने पुष्टि की है कि याचिकाएँ प्राप्त हो गई हैं और उन्हें संसद के नियमों के अनुसार संसाधित किया जा रहा है।
सचिवालय की समीक्षा के बाद मामला लोकसभा के स्पीकर के पास भेजा जाएगा, जहाँ अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक सांसद अपने पद पर बने रहेंगे, परंतु उनका दर्जा जांच के अधीन है।
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा को विस्थापन प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया, यह कहते हुए कि सांसदों का एनसीपीआई में शामिल होना दसवें अनुसूची के उल्लंघन का संकेत हो सकता है। इस आदेश का उद्देश्य मामले को शीघ्र और पारदर्शी ढंग से निपटाना है।
20 सांसद तृणमणि कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी ने उनके विस्थापन के लिए याचिकाएँ दायर कीं। सचिवालय ने पुष्टि की है कि याचिकाएँ प्राप्त हो गई हैं और उन्हें संसद के नियमों के अनुसार संसाधित किया जा रहा है।
सचिवालय की समीक्षा के बाद मामला लोकसभा के स्पीकर के पास भेजा जाएगा, जहाँ अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक सांसद अपने पद पर बने रहेंगे, परंतु उनका दर्जा जांच के अधीन है।