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राजनीति
दौसा में वकीलों ने राजस्थान हाईकोर्ट की टारगेट केस निस्तारण योजना का विरोध, तत्काल वापसी की मांग
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 सित. 2026, 06:18 PM
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दौसा में वकीलों ने राजस्थान हाईकोर्ट की टारगेट केस निस्तारण योजना के आदेश का विरोध करते हुए तत्काल वापसी की मांग की।
दौसा में वकीलों ने राजस्थान हाईकोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें "टारगेट केस निस्तारण" योजना लागू करने की बात थी। स्थानीय वकीलों ने इस योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की, यह तर्क देते हुए कि इससे न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा।
यह विरोध राज्य स्तरीय अभिभाषक संघ के आह्वान के बाद आया, जिसने राज्य भर के वकीलों से इस योजना का विरोध करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला अभिभाषक संघ ने भी अपनी असहमति व्यक्त की और दौसा के सड़कों पर वकीलों के साथ शामिल हो गया।
टारगेट केस निस्तारण योजना का उद्देश्य निर्धारित समय में एक निश्चित संख्या में लंबित आपराधिक और दीवानी मामलों को समाप्त करना है, जिससे कोर्ट का बैकलॉग घटे। लेकिन वकीयों का कहना है कि ऐसे संख्यात्मक लक्ष्य निर्णय की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं और पक्षकारों के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को खतरे में डाल सकते हैं।
रिपोर्टिंग के समय हाईकोर्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और यह स्पष्ट नहीं है कि बार की आपत्तियों को देखते हुए न्यायालय इस आदेश पर पुनर्विचार करेगा या नहीं।
यह विरोध राज्य स्तरीय अभिभाषक संघ के आह्वान के बाद आया, जिसने राज्य भर के वकीलों से इस योजना का विरोध करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला अभिभाषक संघ ने भी अपनी असहमति व्यक्त की और दौसा के सड़कों पर वकीलों के साथ शामिल हो गया।
टारगेट केस निस्तारण योजना का उद्देश्य निर्धारित समय में एक निश्चित संख्या में लंबित आपराधिक और दीवानी मामलों को समाप्त करना है, जिससे कोर्ट का बैकलॉग घटे। लेकिन वकीयों का कहना है कि ऐसे संख्यात्मक लक्ष्य निर्णय की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं और पक्षकारों के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को खतरे में डाल सकते हैं।
रिपोर्टिंग के समय हाईकोर्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और यह स्पष्ट नहीं है कि बार की आपत्तियों को देखते हुए न्यायालय इस आदेश पर पुनर्विचार करेगा या नहीं।