📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gabriel Loppé
राजनीति
लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता ने अरुणाचल में सियांग डैम विरोध पर राष्ट्रपति मुर्मू से हस्तक्षेप की अपील की
✍️ The Hawk
🗓 04 नव. 2026, 07:02 AM
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लद्दाख के एक जलवायु कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अरुणाचल प्रदेश में सियांग डैम परियोजना के विरोध में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, पर्यावरणीय चिंताओं को उजागर करते हुए।
लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक अपील लिखी है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग डैम को लेकर बढ़ते विरोध में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। कार्यकर्ता ने बताया कि यह डैम नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित कर सकता है, जैव विविधता को खतरे में डाल सकता है और स्थानीय समुदायों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है।
सियांग डैम परियोजना को पहले ही स्वदेशी समूहों और पर्यावरणीय NGOs ने विरोध किया है, जो तर्क देते हैं कि निर्माण से नाज़ुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचेगा। कार्यकर्ता के पत्र में पर्यावरण की सुरक्षा की तात्कालिकता पर बल दिया गया है और सरकार से कम आक्रामक जल प्रबंधन विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं मिली है, और यह अपील केंद्र सरकार पर डैम से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव और सामाजिक असंतोष दोनों को संबोधित करने का दबाव बढ़ा रही है।
सियांग डैम परियोजना को पहले ही स्वदेशी समूहों और पर्यावरणीय NGOs ने विरोध किया है, जो तर्क देते हैं कि निर्माण से नाज़ुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचेगा। कार्यकर्ता के पत्र में पर्यावरण की सुरक्षा की तात्कालिकता पर बल दिया गया है और सरकार से कम आक्रामक जल प्रबंधन विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं मिली है, और यह अपील केंद्र सरकार पर डैम से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव और सामाजिक असंतोष दोनों को संबोधित करने का दबाव बढ़ा रही है।