📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rathodin1
मनोरंजन
कुन्नल केम्मू का 'वाइब' दिन 8 पर, सप्ताह 2 में मजबूत बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
✍️ NDTV Profit
🗓 25 सित. 2026, 08:47 PM
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कुन्नल केम्मू के अभिनीत एक्शन‑कॉमेडी 'वाइब' ने दिन 8 पर कमाई दर्ज की, सप्ताह 2 में अपनी गति बनाए रखी।
कुन्नल केम्मू की नवीनतम फिल्म, एक्शन‑कॉमेडी ‘वाइब’, ने अपनी आठवीं दिन की बॉक्स‑ऑफ़िस कमाई दर्ज की, जिससे यह अपनी दूसरी हफ़्ते की सिनेमाई यात्रा को जारी रखती है।
NDTV प्रॉफिट के अनुसार, फिल्म ने दिन आठ तक कुल ₹XX करोड़ (सटीक आंकड़ा छोड़ा गया है) की कमाई की है, और औसत दैनिक कमाई ₹YY लाख है। यह आंकड़े ओपनिंग वीकेंड की तुलना में हल्की गिरावट दर्शाते हैं, लेकिन यह मध्यम बजट रिलीज़ के लिए अपेक्षित सीमा के भीतर है।
फिल्म का प्रदर्शन “स्थिर” बताया गया है, और देश भर के स्क्रीन में स्वस्थ ऑक्यूपेंसी दर बनी हुई है। ओपनिंग वीकेंड में फुटफ़ॉल में उछाल के बाद, अगले दिनों में धीरे‑धीरे गिरावट देखी गई है, जो इस शैली की फिल्मों के लिए सामान्य है।
‘वाइब’ अपनी कॉमेडी और एक्शन के मिश्रण के साथ दर्शकों को आकर्षित करती रहती है, और मल्टीप्लेक्स व सिंगल स्क्रीन दोनों में इसकी उपस्थिति यह संकेत देती है कि फिल्म को एक विशिष्ट दर्शक वर्ग मिला है। दूसरी हफ़्ते की संख्याएँ यह दर्शाती हैं कि फिल्म कुछ और हफ़्तों तक चल सकती है, बशर्ते नई रिलीज़ से प्रतिस्पर्धा न हो।
फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रदर्शन मध्यम बजट की हिंदी फिल्मों के रुझान के अनुरूप है, जो उच्च उत्पादन लागत के बजाय स्टार पावर और जेनर अपील पर निर्भर करती हैं।
NDTV प्रॉफिट के अनुसार, फिल्म ने दिन आठ तक कुल ₹XX करोड़ (सटीक आंकड़ा छोड़ा गया है) की कमाई की है, और औसत दैनिक कमाई ₹YY लाख है। यह आंकड़े ओपनिंग वीकेंड की तुलना में हल्की गिरावट दर्शाते हैं, लेकिन यह मध्यम बजट रिलीज़ के लिए अपेक्षित सीमा के भीतर है।
फिल्म का प्रदर्शन “स्थिर” बताया गया है, और देश भर के स्क्रीन में स्वस्थ ऑक्यूपेंसी दर बनी हुई है। ओपनिंग वीकेंड में फुटफ़ॉल में उछाल के बाद, अगले दिनों में धीरे‑धीरे गिरावट देखी गई है, जो इस शैली की फिल्मों के लिए सामान्य है।
‘वाइब’ अपनी कॉमेडी और एक्शन के मिश्रण के साथ दर्शकों को आकर्षित करती रहती है, और मल्टीप्लेक्स व सिंगल स्क्रीन दोनों में इसकी उपस्थिति यह संकेत देती है कि फिल्म को एक विशिष्ट दर्शक वर्ग मिला है। दूसरी हफ़्ते की संख्याएँ यह दर्शाती हैं कि फिल्म कुछ और हफ़्तों तक चल सकती है, बशर्ते नई रिलीज़ से प्रतिस्पर्धा न हो।
फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रदर्शन मध्यम बजट की हिंदी फिल्मों के रुझान के अनुरूप है, जो उच्च उत्पादन लागत के बजाय स्टार पावर और जेनर अपील पर निर्भर करती हैं।