📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ypy31
राजनीति
कुकी समूह ने मणिपुर सीएम काफिले की गिरफ्तारी पर एनआईए पर ‘सिलेक्टिव जस्टिस’ का आरोप लगाया
✍️ Hub News
🗓 03 अक्टू. 2026, 07:17 PM
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कुकी संगठन ने मणिपुर मुख्यमंत्री के काफिले पर हुए ambush से जुड़ी हालिया गिरफ्तारियों को पक्षपाती कहा और एनआईए पर ‘सिलेक्टिव जस्टिस’ का आरोप लगाया।
कुकी समूह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा मणिपुर मुख्यमंत्री के काफिले पर हुए ambush से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार करने के बाद सार्वजनिक रूप से निंदा की। समूह ने कहा कि यह कार्रवाई पक्षपाती है, क्योंकि यह केवल कुकी समुदाय के सदस्यों को ही निशाना बना रही है, जबकि अन्य संदिग्धों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
NIA के अनुसार, इस गिरफ्तारी का आधार उन खुफिया सूचनाओं पर है, जो आरोपियों को हमले की योजना और कार्यान्वयन से जोड़ती हैं। एजेंसी ने अभी तक गिरफ्तारियों की संख्या या नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, क्योंकि जांच जारी है।
कुकी नेताओं ने इस जांच को अपने समुदाय को डराने और राज्य में चल रहे व्यापक राजनीतिक मुद्दों से ध्यान हटाने का साधन बताया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और केंद्र सरकार से सभी समूहों के प्रति समान कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह घटना मणिपुर में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जहाँ 2022 में राज्य के पुनर्गठन के बाद से जातीय टकराव कभी‑कभी भड़के हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री का काफिला इम्फाल के पास एक राजमार्ग पर निशाना बना था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तेज़ी से प्रतिक्रिया दी और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद उत्तरपूर्वी भारत में कानून और व्यवस्था की नाजुक स्थिति को उजागर करता है और आगामी राज्य चुनावों पर असर डाल सकता है, जहाँ समुदायिक गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
NIA के अनुसार, इस गिरफ्तारी का आधार उन खुफिया सूचनाओं पर है, जो आरोपियों को हमले की योजना और कार्यान्वयन से जोड़ती हैं। एजेंसी ने अभी तक गिरफ्तारियों की संख्या या नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, क्योंकि जांच जारी है।
कुकी नेताओं ने इस जांच को अपने समुदाय को डराने और राज्य में चल रहे व्यापक राजनीतिक मुद्दों से ध्यान हटाने का साधन बताया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और केंद्र सरकार से सभी समूहों के प्रति समान कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह घटना मणिपुर में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जहाँ 2022 में राज्य के पुनर्गठन के बाद से जातीय टकराव कभी‑कभी भड़के हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री का काफिला इम्फाल के पास एक राजमार्ग पर निशाना बना था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तेज़ी से प्रतिक्रिया दी और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद उत्तरपूर्वी भारत में कानून और व्यवस्था की नाजुक स्थिति को उजागर करता है और आगामी राज्य चुनावों पर असर डाल सकता है, जहाँ समुदायिक गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं।