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31 अक्टू. 2026•
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केएसयू ने मेघालय सरकार से लाबन में रॉपीवे विरोध करने वाली महिलाओं को डराने पर रोक लगाने की मांग
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pura Jagad Dumadi, Desa Laban, Gresik
राजनीति

केएसयू ने मेघालय सरकार से लाबन में रॉपीवे विरोध करने वाली महिलाओं को डराने पर रोक लगाने की मांग

✍️ Hub News 🗓 31 अक्टू. 2026, 12:33 PM 👁 16
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खासी छात्र संघ ने मेघालय सरकार से लाबन गाँव की रॉपीवे विरोध करने वाली महिलाओं को डराने पर रोक लगाने का आग्रह किया है।

खासी छात्र संघ (केएसयू) ने मेघालय सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि लाबन गाँव में रॉपीवे परियोजना का विरोध करने वाली महिलाओं को डराने वाले सभी कार्यों को तुरंत रोक दिया जाए। इस रॉपीवे को पर्यटन और कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था, परंतु स्थानीय महिलाओं ने पर्यावरणीय प्रभाव और संभावित विस्थापन को लेकर विरोध जताया है।

केएसयू के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन महिलाओं पर धमकी और दबाव के उपाय किए जा रहे हैं, जो उनके शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन हैं। संघ ने एक सार्वजनिक बयान में सरकार से कहा है कि वह लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं का सम्मान करे और दबाव के बजाय पारदर्शी संवाद के माध्यम से समुदाय की चिंताओं को सुलझाए।

अभी तक राज्य सरकार ने इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। रॉपीवे परियोजना की स्थिति अभी भी समीक्षा के अधीन है, और इसका भविष्य स्थानीय आपत्तियों के समाधान और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन पर निर्भर करेगा।

यह घटना मेघालय के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास योजनाओं और स्थानीय विरोध के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है, जहाँ नागरिक समाज समूह अक्सर स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय रहते हैं।

स्थिति में बदलाव और सरकार के निर्णय के बारे में आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी।
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