📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gannu03
राजनीति
केएसईबी और मंत्री ने हिमाचल पावर डील का समर्थन किया, जबकि सीएम ने जीएनए को प्राथमिकता दी
✍️ Onmanorama
🗓 05 नव. 2026, 09:32 AM
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केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और एक मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के साथ पावर प्रोक्योरमेंट डील का समर्थन किया, जबकि मुख्यमंत्री ने जीएनए के साथ डील को प्राथमिकता दी।
केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (केएसईबी) और एक राज्य मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के साथ पावर प्रोक्योरमेंट डील का समर्थन करने की घोषणा की, जिससे राज्य में चल रही प्रोक्योरमेंट विवाद में नया आयाम जुड़ गया।
यह निर्णय तब आया जब केरल के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से जीएनए के साथ डील को प्राथमिकता देने का संकेत दिया, जिससे पावर प्रोक्योरमेंट रणनीति में विभाजन हुआ।
केएसईबी का हिमाचल डील का समर्थन बोर्ड की पावर स्रोतों को विविध बनाने की इच्छा को दर्शाता है, जबकि मंत्री का समर्थन इस समझौते के लिए राजनीतिक समर्थन को रेखांकित करता है।
इस कदम ने हितधारकों के बीच बहस को जन्म दिया है, जो यह देख रहे हैं कि बोर्ड, मंत्री और मुख्यमंत्री की अलग-अलग प्राथमिकताएँ केरल की भविष्य की पावर प्रोक्योरमेंट नीतियों को कैसे आकार देंगी।
अधिकारियों ने अभी तक हिमाचल डील की शर्तों या मुख्यमंत्री के जीएनए के प्रति झुकाव के पीछे के कारणों पर विवरण जारी नहीं किया है, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
यह निर्णय तब आया जब केरल के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से जीएनए के साथ डील को प्राथमिकता देने का संकेत दिया, जिससे पावर प्रोक्योरमेंट रणनीति में विभाजन हुआ।
केएसईबी का हिमाचल डील का समर्थन बोर्ड की पावर स्रोतों को विविध बनाने की इच्छा को दर्शाता है, जबकि मंत्री का समर्थन इस समझौते के लिए राजनीतिक समर्थन को रेखांकित करता है।
इस कदम ने हितधारकों के बीच बहस को जन्म दिया है, जो यह देख रहे हैं कि बोर्ड, मंत्री और मुख्यमंत्री की अलग-अलग प्राथमिकताएँ केरल की भविष्य की पावर प्रोक्योरमेंट नीतियों को कैसे आकार देंगी।
अधिकारियों ने अभी तक हिमाचल डील की शर्तों या मुख्यमंत्री के जीएनए के प्रति झुकाव के पीछे के कारणों पर विवरण जारी नहीं किया है, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।