📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Verghese TK
मनोरंजन
कृति सनॉन के राखी विज्ञापन पर सोशल मीडिया में बवाल, कंगना रणौत ने ब्रांड की उलटी चाल की निंदा
✍️ NDTV
🗓 27 अग. 2026, 07:08 AM
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कृति सनॉन के राखी विज्ञापन को सोशल मीडिया में भारी तंज़ी परखा गया, जिससे कंगना रणौत ने ब्रांड की अचानक उलटी चाल की निंदा की।
एक प्रमुख उपभोक्ता ब्रांड ने राखी के अवसर पर कृति सनॉन को प्रमुख चेहरे के रूप में दिखाते हुए नया टेलीविज़न विज्ञापन लॉन्च किया। इस विज्ञापन में अभिनेत्री को उत्सव के माहौल में प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य ब्रांड के मौसमी उत्पादों को बढ़ावा देना था।
विज्ञापन के प्रसारण के कुछ ही घंटों में इसे सोशल मीडिया पर तीव्र तंज़ी का सामना करना पड़ा। कई उपयोगकर्ताओं ने रचनात्मक चयन पर सवाल उठाए और ब्रांड पर सांस्कृतिक अवसर का व्यावसायिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। इस प्रतिक्रिया ने विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेंड किया, कई लोगों ने विज्ञापन को वापस लेने की मांग की।
उत्पन्न हुई बहस के बीच, अनुभवी अभिनेत्री कंगना रणौत ने अपने सोशल चैनलों पर ब्रांड की इस स्थिति की कड़ी निंदा की। उन्होंने कंपनी के “उलटी चाल” को उजागर किया और चेतावनी दी कि ऐसे कदम उपभोक्ता विश्वास को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स को सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील घटनाओं से जोड़ने पर सार्वजनिक जांच तेज़ी से बढ़ सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अब ब्रांडों को दर्शकों की संवेदनशीलताओं के साथ अपने मार्केटिंग संदेशों को संरेखित करने की अपेक्षा अधिक है।
विज्ञापन के प्रसारण के कुछ ही घंटों में इसे सोशल मीडिया पर तीव्र तंज़ी का सामना करना पड़ा। कई उपयोगकर्ताओं ने रचनात्मक चयन पर सवाल उठाए और ब्रांड पर सांस्कृतिक अवसर का व्यावसायिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। इस प्रतिक्रिया ने विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेंड किया, कई लोगों ने विज्ञापन को वापस लेने की मांग की।
उत्पन्न हुई बहस के बीच, अनुभवी अभिनेत्री कंगना रणौत ने अपने सोशल चैनलों पर ब्रांड की इस स्थिति की कड़ी निंदा की। उन्होंने कंपनी के “उलटी चाल” को उजागर किया और चेतावनी दी कि ऐसे कदम उपभोक्ता विश्वास को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स को सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील घटनाओं से जोड़ने पर सार्वजनिक जांच तेज़ी से बढ़ सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अब ब्रांडों को दर्शकों की संवेदनशीलताओं के साथ अपने मार्केटिंग संदेशों को संरेखित करने की अपेक्षा अधिक है।