📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bhojpuri Baten भोजपुरी बातें
मनोरंजन
केशरी लाल यादव ने बोला: भोजपुरी को विश्व स्तर पर बढ़ावा दें
✍️ socialnews.xyz
🗓 18 अग. 2026, 04:03 AM
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भोजपुरी के स्टार केशरी लाल यादव ने भोजपुरी भाषा को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने का आह्वान किया, इसे मातृभाषा और सांस्कृतिक मिट्टी के रूप में घोषित किया।
भोजपुरी गायक और अभिनेता केशरी लाल यादव ने एक दर्शक व मीडिया के सामने संबोधन करते हुए भोजपुरी भाषा को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने भोजपुरी को मातृभाषा और अपने समुदाय की सांस्कृतिक मिट्टी के रूप में वर्णित किया, और इसकी गहरी जड़ों पर बल दिया।
यादव ने बताया कि भोजपुरी सिर्फ एक क्षेत्रीय बोली नहीं, बल्कि एक जीवित विरासत है जो बिहार, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों की कहानियों, परंपराओं और मूल्यों को समेटे हुए है। उन्होंने कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और सांस्कृतिक संगठनों से आग्रह किया कि वे भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों, संगीत कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफार्मों पर प्रस्तुत करें।
संगीतकार ने सरकार और मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे भोजपुरी साहित्य, सिनेमा और संगीत को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन करें। उनका मानना है कि वैश्विक मान्यता से न केवल भाषा की रक्षा होगी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
यादव का यह संदेश उसी समय आया है जब कई भोजपुरी फ़िल्में और गाने भारत के बाहर भी लोकप्रिय हो रहे हैं। वह आशा करते हैं कि सामूहिक प्रयास से भोजपुरी ऐसी भाषा बन सकती है जो विश्वभर के दर्शकों के दिलों को छू सके।
यादव ने बताया कि भोजपुरी सिर्फ एक क्षेत्रीय बोली नहीं, बल्कि एक जीवित विरासत है जो बिहार, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों की कहानियों, परंपराओं और मूल्यों को समेटे हुए है। उन्होंने कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और सांस्कृतिक संगठनों से आग्रह किया कि वे भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों, संगीत कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफार्मों पर प्रस्तुत करें।
संगीतकार ने सरकार और मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे भोजपुरी साहित्य, सिनेमा और संगीत को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन करें। उनका मानना है कि वैश्विक मान्यता से न केवल भाषा की रक्षा होगी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
यादव का यह संदेश उसी समय आया है जब कई भोजपुरी फ़िल्में और गाने भारत के बाहर भी लोकप्रिय हो रहे हैं। वह आशा करते हैं कि सामूहिक प्रयास से भोजपुरी ऐसी भाषा बन सकती है जो विश्वभर के दर्शकों के दिलों को छू सके।