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खेत देखने गई महिला की सर्पदंश से मौत, इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा
नवादा जिले के पकरी बरावां प्रखंड में खेत देखने गई एक महिला की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। परिजन इलाज के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
नवादा जिले के पकरी बरावां प्रखंड अंतर्गत बेलखुंडा ग्राम पंचायत में सर्पदंश से एक महिला की दुखद मौत हो गई। मृतका की पहचान मीना देवी, पति रामचन्द्र यादव के रूप में हुई है। घटना 24 सितंबर की शाम को हुई जब मीना देवी अपने खेत की ओर गई थीं।
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 3 से 4 बजे के बीच खेत में किसी जहरीले सांप ने मीना देवी को डस लिया। शुरुआत में सर्पदंश का पता नहीं चल सका, लेकिन कुछ समय बाद जब महिला के शरीर में जहर का असर बढ़ने लगा और उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन और ग्रामीण उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने लगे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मीना देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
ग्रामीणों ने बरसात के मौसम को देखते हुए खेतों और आसपास के इलाकों में सांपों के निकलने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से खेतों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक जैसे पारंपरिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर आधुनिक चिकित्सा का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 3 से 4 बजे के बीच खेत में किसी जहरीले सांप ने मीना देवी को डस लिया। शुरुआत में सर्पदंश का पता नहीं चल सका, लेकिन कुछ समय बाद जब महिला के शरीर में जहर का असर बढ़ने लगा और उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन और ग्रामीण उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने लगे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मीना देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
ग्रामीणों ने बरसात के मौसम को देखते हुए खेतों और आसपास के इलाकों में सांपों के निकलने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से खेतों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक जैसे पारंपरिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर आधुनिक चिकित्सा का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।