Health
खाचरौद में कुपोषण के खिलाफ 'पोषण पूल अभियान' का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर
जिला पंचायत सीईओ, एएसपी और एसडीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर 'पोषण पूल अभियान' का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य कुपोषित बच्चों को घर पर निरंतर पोषण उपलब्ध कराना और समुदाय की भागीदारी से कुपोषण से निपटना है।
उज्जैन जिले के खाचरौद में 'जनविश्वास अभियान' के तहत कुपोषण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल 'पोषण पूल अभियान' का शुभारंभ किया गया है। जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट, एएसपी (ग्रामीण) करणदीप सिंह और एसडीएम नेहा साहू ने पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का निरीक्षण कर इस अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पोषण पुनर्वास केंद्र से डिस्चार्ज होने वाले कुपोषित बच्चों को घर पर भी लगातार पोषण सुनिश्चित करना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से कुपोषण की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटना है।
अभियान के अंतर्गत, बच्चों को पोषण पाउडर, एनर्जी-प्रोटीन युक्त लड्डू और अन्य आवश्यक पोषण सामग्री वितरित की जाएगी। इसके साथ ही, अभिभावकों को घर पर ही रागी, मिलेट्स, भुने चने, बादाम, अखरोट, मूंग और कद्दू के बीजों का उपयोग करके प्रोटीन पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में रोगी कल्याण समिति सदस्य अनिल छाजेड़ ने बादाम, पिस्ता, मिलेट्स, गुड़, काला चना और अमूल स्प्रे जैसी आवश्यक सामग्री दान कर सहयोग प्रदान किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नेहा साहू ने माताओं को सहजन की फली, चुकंदर, टमाटर और लौकी से पौष्टिक सूप बनाने की विधि भी सिखाई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि बच्चों को एनआरसी से छुट्टी मिलने के बाद भी निरंतर पोषण और देखभाल उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अभियान के दौरान कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के स्वास्थ्य में आए सकारात्मक सुधार की कई सफलता की कहानियां भी सामने आई हैं। अति गंभीर कुपोषण से पीड़ित जिविषा का वजन 7.395 किलोग्राम से बढ़कर 8.110 किलोग्राम हो गया है। गंभीर डिहाइड्रेशन और निमोनिया से पीड़ित आदि को समय पर रतलाम के PICU में उपचार दिलाने के बाद खाचरौद के NRC में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका वजन 3.600 किलोग्राम से बढ़कर 5 किलोग्राम हो गया। इसी प्रकार, लगातार पेट दर्द और दस्त से परेशान मिहिका की चिकित्सकीय जांच में सीलिएक डिजीज की पुष्टि हुई, जिसके बाद गेहूं-मुक्त डाइट प्लान अपनाने से उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ और वजन 7.560 किलोग्राम से बढ़कर 9.585 किलोग्राम हो गया।
'जनविश्वास अभियान' के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में भी विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। हैंड-हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से 36 मरीजों के चेस्ट एक्स-रे किए गए, जबकि 57 मरीजों के नि:शुल्क ब्लड टेस्ट संपन्न हुए। इसके अतिरिक्त, 19 आभा आईडी और 3 आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। शिविर के दौरान भामाशाहों द्वारा NRC के लिए उपलब्ध कराए गए दो कूलरों का लोकार्पण जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट ने बालिका मिहिप कुंवर के हाथों संपन्न कराया। इस कार्यक्रम में CMHO डॉ. आर.के. पाल, DHO-1 डॉ. जितेंद्र राजपूत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी BMO डॉ. संजीव कुमरावत ने प्रदान की।
अभियान के अंतर्गत, बच्चों को पोषण पाउडर, एनर्जी-प्रोटीन युक्त लड्डू और अन्य आवश्यक पोषण सामग्री वितरित की जाएगी। इसके साथ ही, अभिभावकों को घर पर ही रागी, मिलेट्स, भुने चने, बादाम, अखरोट, मूंग और कद्दू के बीजों का उपयोग करके प्रोटीन पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में रोगी कल्याण समिति सदस्य अनिल छाजेड़ ने बादाम, पिस्ता, मिलेट्स, गुड़, काला चना और अमूल स्प्रे जैसी आवश्यक सामग्री दान कर सहयोग प्रदान किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम नेहा साहू ने माताओं को सहजन की फली, चुकंदर, टमाटर और लौकी से पौष्टिक सूप बनाने की विधि भी सिखाई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि बच्चों को एनआरसी से छुट्टी मिलने के बाद भी निरंतर पोषण और देखभाल उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अभियान के दौरान कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के स्वास्थ्य में आए सकारात्मक सुधार की कई सफलता की कहानियां भी सामने आई हैं। अति गंभीर कुपोषण से पीड़ित जिविषा का वजन 7.395 किलोग्राम से बढ़कर 8.110 किलोग्राम हो गया है। गंभीर डिहाइड्रेशन और निमोनिया से पीड़ित आदि को समय पर रतलाम के PICU में उपचार दिलाने के बाद खाचरौद के NRC में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका वजन 3.600 किलोग्राम से बढ़कर 5 किलोग्राम हो गया। इसी प्रकार, लगातार पेट दर्द और दस्त से परेशान मिहिका की चिकित्सकीय जांच में सीलिएक डिजीज की पुष्टि हुई, जिसके बाद गेहूं-मुक्त डाइट प्लान अपनाने से उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ और वजन 7.560 किलोग्राम से बढ़कर 9.585 किलोग्राम हो गया।
'जनविश्वास अभियान' के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर में भी विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। हैंड-हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से 36 मरीजों के चेस्ट एक्स-रे किए गए, जबकि 57 मरीजों के नि:शुल्क ब्लड टेस्ट संपन्न हुए। इसके अतिरिक्त, 19 आभा आईडी और 3 आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। शिविर के दौरान भामाशाहों द्वारा NRC के लिए उपलब्ध कराए गए दो कूलरों का लोकार्पण जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट ने बालिका मिहिप कुंवर के हाथों संपन्न कराया। इस कार्यक्रम में CMHO डॉ. आर.के. पाल, DHO-1 डॉ. जितेंद्र राजपूत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी BMO डॉ. संजीव कुमरावत ने प्रदान की।