📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Army
टेक्नोलॉजी
केएफ़ओएन की राज्य‑स्वामित्व वाली OTT सेवा में बढ़ती गति
✍️ The Hindu
🗓 31 अग. 2026, 08:37 AM
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कर्नाटक सरकार की केएफ़ओएन OTT सेवा में धीरे‑धीरे सब्सक्राइबर बढ़ रहे हैं, अधिकारियों ने बताया।
कर्नाटक फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क (केएफ़ओएन) ने इस वर्ष की शुरुआत में एक ओवर‑द‑टॉप (OTT) स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य राज्य की ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचे का उपयोग करके डिजिटल मनोरंजन प्रदान करना था। शुरुआती दौर में उपयोगकर्ता संख्या सीमित थी, पर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि अब पंजीकरण और देखने के घंटे धीरे‑धीरे बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लक्षित प्रचार अभियानों और क्षेत्रीय भाषा की सामग्री को जोड़ने से इस वृद्धि में मदद मिली है। कम सब्सक्रिप्शन शुल्क पर फ़िल्में, वेब‑सीरीज़ और शैक्षिक वीडियो उपलब्ध कराकर केएफ़ओएन इस सेवा को राष्ट्रीय OTT प्लेटफ़ॉर्म के सस्ते विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
वृद्धि अभी भी क्रमिक है, लेकिन केएफ़ओएन टीम सामग्री लाइब्रेरी का विस्तार और इंटरैक्टिव फीचर जोड़ने की योजना बना रही है ताकि दर्शकों को जोड़े रखा जा सके। सरकार का लक्ष्य न केवल राजस्व उत्पन्न करना, बल्कि स्थानीय निर्माताओं को समर्थन देना और शहरी‑ग्रामीण कर्नाटक में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि एक राज्य‑स्वामित्व वाली OTT सेवा की सफलता अन्य भारतीय राज्यों को भी अपने फाइबर नेटवर्क का उपयोग करके मीडिया वितरण में कदम रखने के लिए प्रेरित कर सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि लक्षित प्रचार अभियानों और क्षेत्रीय भाषा की सामग्री को जोड़ने से इस वृद्धि में मदद मिली है। कम सब्सक्रिप्शन शुल्क पर फ़िल्में, वेब‑सीरीज़ और शैक्षिक वीडियो उपलब्ध कराकर केएफ़ओएन इस सेवा को राष्ट्रीय OTT प्लेटफ़ॉर्म के सस्ते विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
वृद्धि अभी भी क्रमिक है, लेकिन केएफ़ओएन टीम सामग्री लाइब्रेरी का विस्तार और इंटरैक्टिव फीचर जोड़ने की योजना बना रही है ताकि दर्शकों को जोड़े रखा जा सके। सरकार का लक्ष्य न केवल राजस्व उत्पन्न करना, बल्कि स्थानीय निर्माताओं को समर्थन देना और शहरी‑ग्रामीण कर्नाटक में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि एक राज्य‑स्वामित्व वाली OTT सेवा की सफलता अन्य भारतीय राज्यों को भी अपने फाइबर नेटवर्क का उपयोग करके मीडिया वितरण में कदम रखने के लिए प्रेरित कर सकती है।