📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vis M
टेक्नोलॉजी
केरल ने 4,447 टन प्लास्टिक को सड़क निर्माण में बदला
✍️ The Economic Times
🗓 22 सित. 2026, 03:46 PM
👁 15
केरल ने 4,447 टन फेंके हुए प्लास्टिक को लगभग 7 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण में पुनः उपयोग किया, जिससे एक नया कचरा‑से‑सड़क पहल सामने आया।
केरल ने 4,447 टन फेंके हुए प्लास्टिक को लगभग 7 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण में पुनः उपयोग किया है, जिससे कचरे को उपयोगी बुनियादी ढाँचे में बदला गया है।
इस परियोजना को राज्य के सार्वजनिक कार्य विभाग ने अंजाम दिया, जिसमें प्लास्टिक को छोटे टुकड़ों में काटकर बिटुमेन के साथ मिलाया गया और तैयार सब‑बेस पर लगाया गया। परिणामी सतह टिकाऊ, दरार‑मुक्त और पारंपरिक एस्फाल्ट से कम रख‑रखाव वाली है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से लैंडफिल पर दबाव कम होता है और पारंपरिक सड़क निर्माण से जुड़ी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटती है। यह राज्य के बढ़ते बुनियादी ढाँचे में परिपत्र अर्थव्यवस्था का मॉडल भी प्रस्तुत करती है।
अधिकारियों का लक्ष्य इस कार्यक्रम को और जिलों में विस्तारित करना है, ताकि वर्ष के अंत तक और अधिक ग्रामीण व शहरी सड़कों को कवर किया जा सके।
इस परियोजना को राज्य के सार्वजनिक कार्य विभाग ने अंजाम दिया, जिसमें प्लास्टिक को छोटे टुकड़ों में काटकर बिटुमेन के साथ मिलाया गया और तैयार सब‑बेस पर लगाया गया। परिणामी सतह टिकाऊ, दरार‑मुक्त और पारंपरिक एस्फाल्ट से कम रख‑रखाव वाली है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से लैंडफिल पर दबाव कम होता है और पारंपरिक सड़क निर्माण से जुड़ी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटती है। यह राज्य के बढ़ते बुनियादी ढाँचे में परिपत्र अर्थव्यवस्था का मॉडल भी प्रस्तुत करती है।
अधिकारियों का लक्ष्य इस कार्यक्रम को और जिलों में विस्तारित करना है, ताकि वर्ष के अंत तक और अधिक ग्रामीण व शहरी सड़कों को कवर किया जा सके।