📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / http://ldfkeralam.org
राजनीति
केरल नेता ने श्रम संहिता की आलोचना की
✍️ The Hindu
🗓 10 जुल. 2026, 04:01 AM
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केरल के वामपंथी नेता वी. शिवांकुट्टी ने केंद्र की श्रम संहिता की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह 'नियुक्ति और निकाल' नीति को सक्षम बनाती है।
केंद्र की श्रम संहिता राजनेताओं और श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं के बीच एक विवादित विषय बनी हुई है। केरल के एक प्रमुख वामपंथी नेता वी. शिवांकुट्टी ने संहिता की आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह नियोक्ताओं के हितों को कर्मचारियों के हितों से ऊपर रखती है। यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब केंद्र पूरे देश में इन संहिताओं को लागू करने के लिए दबाव डाल रहा है। श्रम संहिता विभिन्न श्रम कानूनों को समेकित और संशोधित करने का उद्देश्य रखती है, लेकिन विरोधी तर्क देते हैं कि वे श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। 'नियुक्ति और निकाल' नीति विशेष रूप से श्रमिकों के शोषण की संभावना के बारे में चिंताएं बढ़ा रही है। श्रम संहिता के आसपास की बहस जारी रहने के साथ, यह देखना बाकी है कि केंद्र श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं की चिंताओं का समाधान कैसे करेगा।