📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dhinakar01
अपराध
केरल हाई कोर्ट ने सबरीमला में अवैध स्वास्थ्य कार्डों की जांच का आदेश दिया
✍️ India Today
🗓 02 नव. 2026, 10:03 AM
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केरल हाई कोर्ट ने सबरीमला तीर्थस्थल पर जारी किए गए अवैध स्वास्थ्य कार्डों की जांच का आदेश दिया।
केरल हाई कोर्ट ने हालिया फैसले में सबरीमला मंदिर परिसर में अवैध स्वास्थ्य कार्डों के वितरण की व्यापक जांच का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि तीर्थयात्रियों और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उठाए गए चिंताओं को देखते हुए इस कदाचार की सीमा और स्वरूप पता करने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
विवादित स्वास्थ्य कार्डों को बिना उचित चिकित्सीय सत्यापन के जारी किया गया माना जा रहा है, जिससे धारकों को उन लाभों का दावा करने की सुविधा मिलती है जो केवल पात्र रोगियों को मिलते हैं। इससे राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं पर भरोसा कम हो सकता है और वैध लाभ वितरण में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
कोर्ट ने राज्य स्वास्थ्य विभाग, मंदिर बोर्ड और स्थानीय पुलिस को जांच टीम के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। सभी संबंधित दस्तावेज़, जारी करने के रिकॉर्ड और लाभार्थी सूचियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करना होगा, तथा छह हफ्तों के भीतर कोर्ट को प्रगति रिपोर्ट देनी होगी।
यदि जांच में प्रणालीगत उल्लंघन सामने आते हैं, तो कोर्ट ने बताया कि संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई, जिसमें दंड भी शामिल हो सकता है, की जाएगी। यह निर्णय सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और धार्मिक तथा स्वास्थ्य प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
विवादित स्वास्थ्य कार्डों को बिना उचित चिकित्सीय सत्यापन के जारी किया गया माना जा रहा है, जिससे धारकों को उन लाभों का दावा करने की सुविधा मिलती है जो केवल पात्र रोगियों को मिलते हैं। इससे राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं पर भरोसा कम हो सकता है और वैध लाभ वितरण में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
कोर्ट ने राज्य स्वास्थ्य विभाग, मंदिर बोर्ड और स्थानीय पुलिस को जांच टीम के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया। सभी संबंधित दस्तावेज़, जारी करने के रिकॉर्ड और लाभार्थी सूचियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करना होगा, तथा छह हफ्तों के भीतर कोर्ट को प्रगति रिपोर्ट देनी होगी।
यदि जांच में प्रणालीगत उल्लंघन सामने आते हैं, तो कोर्ट ने बताया कि संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई, जिसमें दंड भी शामिल हो सकता है, की जाएगी। यह निर्णय सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और धार्मिक तथा स्वास्थ्य प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।