📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
देश
केरल हाई कोर्ट ने पति की अक्षमता सिद्ध होने पर तलाक दिया, 10,000 रुपये माहिक भरण-पोषण का आदेश
✍️ The Economic Times
🗓 15 अक्टू. 2026, 12:31 AM
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केरल हाई कोर्ट ने पत्नी द्वारा पति की अक्षमता सिद्ध होने पर तलाक दिया और माहिक 10,000 रुपये भरण‑पोषण का आदेश दिया।
केरल हाई कोर्ट ने एक महिला को तलाक देने का आदेश दिया, जब उसने साबित किया कि उसके पति की अक्षमता के कारण वैवाहिक जीवन संभव नहीं रहा। पत्नी द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा और अन्य सबूतों की जांच के बाद अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि पति की स्थिति विवाह को अस्थिर बनाती है।
तलाक के साथ ही कोर्ट ने पति को माहिक 10,000 रुपये भरण‑पोषण देने का आदेश जारी किया। यह राशि पत्नी के बुनियादी जीवन खर्चों को पूरा करने के लिए निर्धारित की गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला पारिवारिक विवादों में न्यायालय की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, जहाँ एक पक्ष की अक्षमता सिद्ध हो, और यह दर्शाता है कि अलगाव के बाद भी आर्थिक समर्थन का दायित्व बना रहता है।
यह निर्णय इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया है, जिसमें पति की अक्षमता की प्रकृति या पक्षों के नामों के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
तलाक के साथ ही कोर्ट ने पति को माहिक 10,000 रुपये भरण‑पोषण देने का आदेश जारी किया। यह राशि पत्नी के बुनियादी जीवन खर्चों को पूरा करने के लिए निर्धारित की गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला पारिवारिक विवादों में न्यायालय की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, जहाँ एक पक्ष की अक्षमता सिद्ध हो, और यह दर्शाता है कि अलगाव के बाद भी आर्थिक समर्थन का दायित्व बना रहता है।
यह निर्णय इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया है, जिसमें पति की अक्षमता की प्रकृति या पक्षों के नामों के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।