📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
नौकरी
केरल हाई कोर्ट ने बेवको को अस्थायी सफाईकर्मियों को निकालने से रोका
✍️ The Times of India
🗓 17 सित. 2026, 07:01 AM
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केरल हाई कोर्ट ने बेवको को अस्थायी सफाईकर्मियों के अनुबंध समाप्त करने से रोकते हुए प्रक्रिया संबंधी मुद्दों को उजागर किया।
केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को बेवको, जो नगरपालिका सफाई कार्यों के लिए अस्थायी सफाईकर्मियों की सेवा प्रदान करता है, के विरुद्ध रोक आदेश जारी किया। कोर्ट ने कंपनी को सभी समाप्ति प्रक्रियाओं को तब तक रोकने का निर्देश दिया जब तक वह न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आवश्यक प्रक्रियात्मक मानदंडों का पालन नहीं करती।
निर्णय में बताया गया कि बेवको ने कई अस्थायी सफाईकर्मियों को बिना नियत नोटिस अवधि और grievance redressal प्रणाली के समाप्ति नोटिस जारी किए थे, जो राज्य के श्रम नियमों के तहत अनिवार्य है। कोर्ट ने इस बात पर बल दिया कि अचानक बर्खास्तगी से उन कर्मचारियों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है, जो इन अल्पकालिक अनुबंधों पर निर्भर हैं।
यह आदेश केरल में ठेकेदार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जहाँ अक्सर नगरपालिका सफाई कार्य बाहरी कंपनियों को सौंपे जाते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अन्य सेवा प्रदाताओं के समान विवादों में भी मिसाल बन सकता है।
बेवको को दो हफ्तों के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बताया जाएगा कि वह समाप्ति प्रक्रियाओं को विधायी आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे बनाएगा। कंपनी ने अभी तक इस आदेश पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
प्रभावित सफाईकर्मियों, जिनमें कई प्रवासी श्रमिक शामिल हैं, को अनुपालन समीक्षा के परिणाम के आधार पर कार्य पुनः आरंभ करने की उम्मीद है, जिससे राज्य भर में नगरपालिका स्वच्छता सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी।
निर्णय में बताया गया कि बेवको ने कई अस्थायी सफाईकर्मियों को बिना नियत नोटिस अवधि और grievance redressal प्रणाली के समाप्ति नोटिस जारी किए थे, जो राज्य के श्रम नियमों के तहत अनिवार्य है। कोर्ट ने इस बात पर बल दिया कि अचानक बर्खास्तगी से उन कर्मचारियों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है, जो इन अल्पकालिक अनुबंधों पर निर्भर हैं।
यह आदेश केरल में ठेकेदार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है, जहाँ अक्सर नगरपालिका सफाई कार्य बाहरी कंपनियों को सौंपे जाते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अन्य सेवा प्रदाताओं के समान विवादों में भी मिसाल बन सकता है।
बेवको को दो हफ्तों के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बताया जाएगा कि वह समाप्ति प्रक्रियाओं को विधायी आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे बनाएगा। कंपनी ने अभी तक इस आदेश पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
प्रभावित सफाईकर्मियों, जिनमें कई प्रवासी श्रमिक शामिल हैं, को अनुपालन समीक्षा के परिणाम के आधार पर कार्य पुनः आरंभ करने की उम्मीद है, जिससे राज्य भर में नगरपालिका स्वच्छता सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी।