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शिक्षा
केरल उच्च न्यायालय ने 3 CBSE छात्रों को KEAM पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति दी
✍️ Hindustan Times
🗓 10 जुल. 2026, 07:02 PM
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केरल उच्च न्यायालय ने तीन CBSE छात्रों को KEAM पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति दी, जो प्रवेश परीक्षा की पात्रता मानदंड पर कानूनी चुनौती के बाद हुआ।
केरल उच्च न्यायालय ने आज निर्णय दिया कि तीन CBSE बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को KEAM पोर्टल पर अपने पुनर्मूल्यांकित अंक अपलोड करने की अनुमति दी जा सकती है। यह निर्णय उन छात्रों द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा पात्रता नियमों के कारण उन्हें अनुचित रूप से बाहर रखा गया। न्यायालय ने केरल राज्य शिक्षा विभाग को पोर्टल को अपडेट करने का निर्देश दिया।
पहले, छात्रों को उनके मूल CBSE अंक और प्रवेश के लिए आवश्यक अंकों के बीच अंतर के कारण KEAM परीक्षा में भाग लेने से वंचित किया गया था। पुनर्मूल्यांकन के बाद उन्हें उच्च अंक मिले, लेकिन KEAM पोर्टल ने अभी तक इन परिवर्तनों को प्रतिबिंबित नहीं किया था। उच्च न्यायालय का आदेश छात्रों को आगामी प्रवेश चक्र में परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है।
यह निर्णय छात्रों को प्रशासनिक देरी के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह ऑनलाइन प्रवेश पोर्टलों को सटीक शैक्षणिक रिकॉर्ड के साथ समय पर अपडेट करने के महत्व को भी रेखांकित करता है।
पहले, छात्रों को उनके मूल CBSE अंक और प्रवेश के लिए आवश्यक अंकों के बीच अंतर के कारण KEAM परीक्षा में भाग लेने से वंचित किया गया था। पुनर्मूल्यांकन के बाद उन्हें उच्च अंक मिले, लेकिन KEAM पोर्टल ने अभी तक इन परिवर्तनों को प्रतिबिंबित नहीं किया था। उच्च न्यायालय का आदेश छात्रों को आगामी प्रवेश चक्र में परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है।
यह निर्णय छात्रों को प्रशासनिक देरी के कारण होने वाले नुकसान से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह ऑनलाइन प्रवेश पोर्टलों को सटीक शैक्षणिक रिकॉर्ड के साथ समय पर अपडेट करने के महत्व को भी रेखांकित करता है।