📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
केरल के राज्यपाल ने लोक भवन में शाकाहारी मेन्यू लागू किया, कांग्रेस में विरोध
✍️ India Today
🗓 23 अक्टू. 2026, 07:01 PM
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केरल के नए राज्यपाल ने लोक भवन में केवल शाकाहारी भोजन परोसने का आदेश दिया, जिससे कांग्रेस ने आपत्ति जताई।
थिरुवनंतपुरम – केरल के नए राज्यपाल ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसमें लोक भवन, राज्यपाल का आधिकारिक निवास, में सभी भोजन केवल शाकाहारी होने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश रसोई कर्मचारियों को भेजे गए एक नोटिस में स्पष्ट किया गया है और सभी आधिकारिक समारोहों तथा दैनिक भोजन व्यवस्था पर लागू होगा।
इस कदम पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तीखा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक संस्थान पर व्यक्तिगत आहार प्राथमिकता थोपता है और गैर‑शाकाहारी कर्मचारियों व मेहमानों को अलगाव का सामना करना पड़ सकता है।
राज्यपाल कार्यालय के प्रवक्ताओं ने राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह कहा कि यह नीति राज्यपाल के व्यक्तिगत विश्वास और राज्य की सांस्कृतिक परम्पराओं के अनुरूप है। कार्यान्वयन की समयसीमा या किसी अपवाद के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह विवाद केरल में सार्वजनिक प्रशासन में व्यक्तिगत मान्यताओं की भूमिका को लेकर चल रहे बहस में नई लहर लेकर आया है, जहाँ अन्य राज्यों में भी आहार संबंधी नियमों को लेकर समान मुद्दे उठे हैं।
स्थिति के बढ़ते सार्वजनिक ध्यान के साथ, राज्यपाल कार्यालय और कांग्रेस दोनों पक्षों से आशा की जा रही है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संवाद करेंगे, जबकि राज्यपाल के अधिकार का सम्मान भी किया जाएगा।
इस कदम पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तीखा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक संस्थान पर व्यक्तिगत आहार प्राथमिकता थोपता है और गैर‑शाकाहारी कर्मचारियों व मेहमानों को अलगाव का सामना करना पड़ सकता है।
राज्यपाल कार्यालय के प्रवक्ताओं ने राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह कहा कि यह नीति राज्यपाल के व्यक्तिगत विश्वास और राज्य की सांस्कृतिक परम्पराओं के अनुरूप है। कार्यान्वयन की समयसीमा या किसी अपवाद के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यह विवाद केरल में सार्वजनिक प्रशासन में व्यक्तिगत मान्यताओं की भूमिका को लेकर चल रहे बहस में नई लहर लेकर आया है, जहाँ अन्य राज्यों में भी आहार संबंधी नियमों को लेकर समान मुद्दे उठे हैं।
स्थिति के बढ़ते सार्वजनिक ध्यान के साथ, राज्यपाल कार्यालय और कांग्रेस दोनों पक्षों से आशा की जा रही है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संवाद करेंगे, जबकि राज्यपाल के अधिकार का सम्मान भी किया जाएगा।