📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Constituencies in Kerala for the Lok Sabha 2014.sv
राजनीति
केरल कांग्रेस ने सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की माँग वाले पोस्ट पर सदस्य को निकाल दिया
✍️ The Economic Times
🗓 13 अक्टू. 2026, 01:31 AM
👁 11
केरल कांग्रेस ने उस सदस्य को निकाल दिया है जिसने सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करने वाला पोस्ट किया, पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया गया।
केरल कांग्रेस ने मंगलवार को यह घोषणा की कि उसने उस पार्टी कार्यकर्ता को निकाल दिया है जिसने सोशल मीडिया पर सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करने वाला पोस्ट साझा किया। यह पोस्ट, जो एक लोकप्रिय मंच पर दिखाई दी, न्यायिक नियुक्तियों को लेकर चल रही बहसों के बीच न्यायालय के प्रमुख को हटाने का आह्वान करती थी।
पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम सदस्य के अनुशासनहीन व्यवहार के कारण उठाया गया है, जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो संवैधानिक पदों की गरिमा या पार्टी की छवि को घटाए।”
जबकि इस पोस्ट ने ऑनलाइन चर्चा को जन्म दिया, केरल कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह न्यायिक मामलों में तटस्थ है और यह निकालना केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई है। पार्टी ने अन्य सदस्यों के खिलाफ कोई अतिरिक्त कदम नहीं बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय पार्टियों की न्यायपालिका पर टिप्पणी के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाती है, विशेषकर वर्तमान न्यायिक सुधारों के माहौल में।
निकाले गए सदस्य ने अभी तक पार्टी के निर्णय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और कोई कानूनी कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है।
पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम सदस्य के अनुशासनहीन व्यवहार के कारण उठाया गया है, जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो संवैधानिक पदों की गरिमा या पार्टी की छवि को घटाए।”
जबकि इस पोस्ट ने ऑनलाइन चर्चा को जन्म दिया, केरल कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह न्यायिक मामलों में तटस्थ है और यह निकालना केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई है। पार्टी ने अन्य सदस्यों के खिलाफ कोई अतिरिक्त कदम नहीं बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना क्षेत्रीय पार्टियों की न्यायपालिका पर टिप्पणी के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाती है, विशेषकर वर्तमान न्यायिक सुधारों के माहौल में।
निकाले गए सदस्य ने अभी तक पार्टी के निर्णय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और कोई कानूनी कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है।