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21 Oct 2026•
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कोयला खदान में घुसा दंतैल हाथी, रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे कर्मचारी, 1 घंटे तक मची रही अफरा-तफरी

कोयला खदान में घुसा दंतैल हाथी, रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे कर्मचारी, 1 घंटे तक मची रही अफरा-तफरी

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 30 Aug 2026, 12:46 PM 👁 76
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वन विभाग के मुताबिक पगोरिया के जंगल में लोनर हाथी की मौजूदगी अभी भी बनी हुई है.

अंबिकापुर: सरगुजा संभाग हाथी प्रभावित इलाका है, आए दिन यहां हाथियों की मौजूदगी देखी जाती है. सरगुजा संभाग की सीमाएं झारखंड राज्य की सीमाओं से लगती है. अक्सर जशपुर के रास्ते हाथियों का झुंड सरगुजा में प्रवेश करता रहता है. सरगुजा के रास्ते हाथियों का झुंड सालों से मध्य प्रदेश के शहडोल-अनूपपुर के जंगलों में आना जाना करता रहा है. कहा जाता है कि ये हाथियों का दशकों पुराना कॉरिडोर है, जिसे आज भी हाथियों का झुंड इस्तेमाल करता है.

हाथियों के झुंड की इस आवाजाही में कई बार उनका इंसानों से भी संघर्ष होता है. शनिवार को एक दंतैल हाथी रात के वक्त उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत परसा-केते में पहुंच गया. झुंड से बिछुड़ा दंतैल हाथी करीब 1 घंटे तक राजस्थान विद्युत मंडल के कोयला खदान में घूमता रहा.
कोयला खदान एरिया में घुसा दंतैल हाथी
वन विभाग की टीम ने बड़ी मुश्किल से लोनर हाथी को वहां से जंगल की ओर खदेड़ा. जब तक हाथी की मौजूदगी कोयला खदान के आस-पास बनी रही, लोगों के बीच अफरा तफरी का माहौल बना रहा. हाथी जब सुरक्षित जंगल में चला गया तो वन विभाग के कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली. वन विभाग ने बताया कि दंतैल हाथी बीते कुछ दिनों से कोयला खदान से सटे पगोरिया के जंगल में डटा है. हाथी की मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग की एलिफैंट ट्रैकर टीम लगातार उसकी मॉनिटरिंग कर रही है.
दंतैल हाथी अभी भी पगोरिया जंगल स्थित कक्ष क्रमांक 2126 में मौजूद है. विभाग के द्वारा प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से दंतैल हाथी की मौजूदगी की सूचना देकर सावधानी बरतने एवं जंगल की ओर नहीं जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. वन विभाग के द्वारा दंतैल हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है: एफ चौबे, वन परिक्षेत्र अधिकारी
लोनर हाथी की हो रही निगरानी
हाथी की मॉनिटिंग के दौरान ही जब वन विभाग की टीम उसे जंगल की ओर खदेड़ रही थी तब हाथी कोयला खदान की ओर भागकर पहुंच गया. जिस वक्त हाथी कोयला खदान एरिया में घुसा उस वक्त रात की पाली के कामगार वहां पर मौजूद थे. हाथी कभी सड़क तो कभी खदान वाले एरिया में भागता-दौड़ता रहा. वन विभाग की टीम ने घंटों की कड़ी मशक्क्त के बाद उसे जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता हासिल की.

तेज रोशनी और हूटर की आवाज से भड़का हाथी
स्थानीय लोगों और कामगारों ने बताया कि वन विभाग की टीम रंगीन रोशनी वाली और हूटर लगी गाड़ी से पहुंची थी. हूटर की तेज आवाज और रंगीन रोशनी को देखकर हाथी और ज्यादा भागने लगा जिससे अफरा-तफरी मच गई. शनिवार सुबह करीब 4 बजे हाथों को जंगल की ओर खदेड़ा जा सका.

वन विभाग की अपील
अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं
जंगल के रास्तों का उपयोग करने से बचें
मवेशियों को बिट कुदरा क्षेत्र में चराने न ले जाएं
हाथी दिखने पर उसके करीब जाने का प्रयास न करें
किसी भी जानकारी के लिए तत्काल वन विभाग को सूचित करें
किसे कहते हैं लोनर एलिफैंट
लोनर हाथी एलिफैंट उन हाथियों को कहा जाता है जो अपने झुंड से बिछड़कर या अलग होकर अकेले घूमते हैं. लोनर हाथी काफी आक्रामक होते हैं और इंसानों से सामना होने पर हमला करने से नहीं चूकते. लोनर हाथी झुंड में रहने वाले हाथियों से ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं.
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