📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
मनोरंजन
काटसी के 'वाइल्ड' ट्रैकलिस्ट पर बि.टी.एस के 'अरिरांग' के समानता के कारण कॉपीराइट विवाद
✍️ The Times of India
🗓 02 अग. 2026, 06:31 AM
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काटसी के नए एल्बम 'वाइल्ड' पर आलोचकों ने बि.टी.एस के गाने 'अरिरांग' के साथ समानता पाई, जिससे कॉपीराइट विवाद हुआ।
काटसी के नवीनतम एल्बम 'वाइल्ड' को आलोचकों ने बि.टी.एस के लोकप्रिय गाने 'अरिरांग' के साथ समानता के कारण कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस तुलना से यह दावा हुआ कि भारतीय कलाकार ने दक्षिण कोरियाई समूह के रचना से तत्व कॉपी किये हैं।
संगीत उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि विवाद का केंद्र मेलोडिक और रिदमिक पैटर्न पर है जो 'अरिरांग' के समान प्रतीत होते हैं। काटसी ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह बहस पहले से ही मौलिकता और बौद्धिक संपदा पर चर्चा को प्रज्वलित कर चुकी है।
यह मामला भारतीय पॉप संगीत की वैश्विक पहुँच और कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रभावों को संभालने की चुनौतियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट दिशानिर्देश और उचित श्रेय देने से भविष्य में ऐसे विवादों को रोका जा सकता है।
दोनों कलाकारों के प्रशंसक सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, कुछ ने काटसी की रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन किया है जबकि अन्य ने संभावित कॉपीराइट उल्लंघन के लिए जवाबदेही की मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों कार्यों की विस्तृत तुलना के बाद यह तय किया जाए कि समानताएँ वर्तमान कॉपीराइट कानून के तहत उल्लंघन मानी जाती हैं या नहीं।
संगीत उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि विवाद का केंद्र मेलोडिक और रिदमिक पैटर्न पर है जो 'अरिरांग' के समान प्रतीत होते हैं। काटसी ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह बहस पहले से ही मौलिकता और बौद्धिक संपदा पर चर्चा को प्रज्वलित कर चुकी है।
यह मामला भारतीय पॉप संगीत की वैश्विक पहुँच और कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रभावों को संभालने की चुनौतियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट दिशानिर्देश और उचित श्रेय देने से भविष्य में ऐसे विवादों को रोका जा सकता है।
दोनों कलाकारों के प्रशंसक सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, कुछ ने काटसी की रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन किया है जबकि अन्य ने संभावित कॉपीराइट उल्लंघन के लिए जवाबदेही की मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों कार्यों की विस्तृत तुलना के बाद यह तय किया जाए कि समानताएँ वर्तमान कॉपीराइट कानून के तहत उल्लंघन मानी जाती हैं या नहीं।