📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
कटनी जमीन सौदा: नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर तीन घंटे बहस, फैसला नहीं, अगली सुनवाई 29 अगस्त
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 25 अग. 2026, 10:33 PM
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कटनी जमीन सौदा मामले में मंगलवार को नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर तीन घंटे बहस हुई, पर फैसला नहीं सुनाया गया; अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय।
कटनी में चल रहे बहुचर्चित जमीन सौदा मामले में मंगलवार को पूर्व मुख्य सचिव नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों ने लगभग तीन घंटे तक तर्क-वितर्क किया, पर न्यायालय को कोई फैसला सुनाने में असमर्थता रही और मामला स्थगित कर दिया गया।
जज ने अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय की है, जिससे पक्षकारों को आगे की तैयारी का समय मिलेगा। इस बीच, जमानत पर कोई आदेश नहीं दिया गया, जिससे नेहा पच्चीसिया को अगले सुनवाई तक हिरासत में रहना पड़ेगा।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अतिरिक्त धाराओं को आरोपपत्र में जोड़ते हुए जांच को तेज कर दिया है। यह कदम जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसने पहले ही जनता का ध्यान आकर्षित किया था।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भ्रष्टाचार धाराओं के समावेश से मुकदमा लंबा हो सकता है और दोष सिद्ध होने पर संभावित दंड भी बढ़ सकता है। यह मामला अब मीडिया और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों की करीबी नज़र में है।
कटनी अदालत द्वारा जमानत पर निर्णय स्थगित करने का कदम इस केस की जटिलता को दर्शाता है, जो मध्य प्रदेश और देश भर में रुचि का केंद्र बना हुआ है।
जज ने अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय की है, जिससे पक्षकारों को आगे की तैयारी का समय मिलेगा। इस बीच, जमानत पर कोई आदेश नहीं दिया गया, जिससे नेहा पच्चीसिया को अगले सुनवाई तक हिरासत में रहना पड़ेगा।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अतिरिक्त धाराओं को आरोपपत्र में जोड़ते हुए जांच को तेज कर दिया है। यह कदम जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसने पहले ही जनता का ध्यान आकर्षित किया था।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भ्रष्टाचार धाराओं के समावेश से मुकदमा लंबा हो सकता है और दोष सिद्ध होने पर संभावित दंड भी बढ़ सकता है। यह मामला अब मीडिया और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों की करीबी नज़र में है।
कटनी अदालत द्वारा जमानत पर निर्णय स्थगित करने का कदम इस केस की जटिलता को दर्शाता है, जो मध्य प्रदेश और देश भर में रुचि का केंद्र बना हुआ है।