📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया को आईपीएस अनु बेनीवाल की जांच के बाद निलंबित
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 22 अग. 2026, 10:47 AM
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कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ आईपीएस अनु बेनीवाल की जांच के बाद उन्हें निलंबित किया गया।
कटनी जिले की मुख्य सचिव नेहा पच्चीसिया को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल द्वारा चलाए गए जांच के बाद निलंबित किया गया, यह राज्य सरकार ने मंगलवार को बताया। जांच में जिले की प्रशासनिक कार्यवाही में कथित लापरवाही और दुराचार की जांच की गई और निष्कर्ष यह आया कि पच्चीसिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक है।
अनु बेनीवाल, जो एक कड़े आईपीएस अधिकारी के पति के साथ अपने कड़े रवैये के लिए जानी जाती हैं, ने इस जांच टीम का नेतृत्व किया। उनकी सटीकता और तेज़ कार्रवाई को मामले के शीघ्र समाधान में मुख्य कारक माना गया है।
राज्य सरकार ने जारी आदेश में कहा कि पच्चीसिया को राज्य सिविल सेवा बोर्ड द्वारा विस्तृत समीक्षा तक अवकाश पर रखा जाएगा। विशिष्ट आरोपों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय प्रशासनिक जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह कदम राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो इसे प्रशासनिक अनियमितताओं को रोकने की राज्य की दृढ़ता का परीक्षण मानते हैं। विभाग ने अन्य अधिकारियों से भी निगरानी तंत्र के साथ पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया है।
अनु बेनीवाल की भागीदारी यह दर्शाती है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका अब आंतरिक प्रशासनिक मामलों में अधिक प्रमुख हो रही है, जिससे मध्य प्रदेश में सिविल सेवा के आचरण पर अधिक सक्रिय निगरानी की दिशा में बदलाव संकेतित होता है।
अनु बेनीवाल, जो एक कड़े आईपीएस अधिकारी के पति के साथ अपने कड़े रवैये के लिए जानी जाती हैं, ने इस जांच टीम का नेतृत्व किया। उनकी सटीकता और तेज़ कार्रवाई को मामले के शीघ्र समाधान में मुख्य कारक माना गया है।
राज्य सरकार ने जारी आदेश में कहा कि पच्चीसिया को राज्य सिविल सेवा बोर्ड द्वारा विस्तृत समीक्षा तक अवकाश पर रखा जाएगा। विशिष्ट आरोपों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय प्रशासनिक जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह कदम राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो इसे प्रशासनिक अनियमितताओं को रोकने की राज्य की दृढ़ता का परीक्षण मानते हैं। विभाग ने अन्य अधिकारियों से भी निगरानी तंत्र के साथ पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया है।
अनु बेनीवाल की भागीदारी यह दर्शाती है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका अब आंतरिक प्रशासनिक मामलों में अधिक प्रमुख हो रही है, जिससे मध्य प्रदेश में सिविल सेवा के आचरण पर अधिक सक्रिय निगरानी की दिशा में बदलाव संकेतित होता है।