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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निशमन कर्मियों को रक्षा बलों में शामिल करने का मार्ग खोला
🗓 04 Nov 2026, 05:31 PM
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कबिनेट ने पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर 25% अग्निशमन कर्मियों को रक्षा बलों में नियमित नौकरी की पेशकश की और शेष 75% को दो साल की सेवा अवधि का विकल्प दिया।
नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026 – केंद्र सरकार ने अग्निशमन कर्मियों के लिए एक नई नीति का एलान किया, जिसमें 25 प्रतिशत कर्मियों को उनके पिछले चार वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर रक्षा बलों में नियमित नियुक्ति का प्रस्ताव दिया गया है। यह निर्णय अग्निशमन विभाग की शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और प्रेरणा स्तर के विस्तृत मूल्यांकन के बाद लिया गया है।
कबिनेट ने यह भी कहा कि शेष 75 प्रतिशत अग्निशमन कर्मियों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का विकल्प दिया जाएगा। इस अवधि के समाप्त होने पर, यदि वे इच्छुक और योग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें नियमित सैनिकों के रूप में नामांकित किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य अग्निशमन कर्मियों को बेहतर करियर अवसर प्रदान करना और रक्षा बलों में उनकी विशेषज्ञता को सम्मिलित करना है।
अग्निपथ योजना के चार साल के कार्यान्वयन के बाद, इसने देश के सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मानकीकृत बनाया है। योजना ने शारीरिक फिटनेस, मनोबल, प्रतिस्पर्धी भावना और अनुशासन में उल्लेखनीय सुधार लाया है, साथ ही तकनीकी अनुकूलनशीलता और शिक्षा स्तर में भी वृद्धि हुई है। महिलाओं के लिए रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में अवसर खोलने की भी योजना इस घोषणा में शामिल है।
आगे चलकर, दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान उच्च वेतन, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता के लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस अवधि के बाद, सभी इच्छुक अग्निशमन कर्मियों को उनके चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैनिकों के रूप में नामांकित करने की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकारों ने इस पहल को एक सकारात्मक कदम के रूप में सराहा है और भविष्य में भी ऐसी नीतियों के माध्यम से सार्वजनिक सेवा कर्मियों के करियर विकास को सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की है।
कबिनेट ने यह भी कहा कि शेष 75 प्रतिशत अग्निशमन कर्मियों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का विकल्प दिया जाएगा। इस अवधि के समाप्त होने पर, यदि वे इच्छुक और योग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें नियमित सैनिकों के रूप में नामांकित किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य अग्निशमन कर्मियों को बेहतर करियर अवसर प्रदान करना और रक्षा बलों में उनकी विशेषज्ञता को सम्मिलित करना है।
अग्निपथ योजना के चार साल के कार्यान्वयन के बाद, इसने देश के सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मानकीकृत बनाया है। योजना ने शारीरिक फिटनेस, मनोबल, प्रतिस्पर्धी भावना और अनुशासन में उल्लेखनीय सुधार लाया है, साथ ही तकनीकी अनुकूलनशीलता और शिक्षा स्तर में भी वृद्धि हुई है। महिलाओं के लिए रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में अवसर खोलने की भी योजना इस घोषणा में शामिल है।
आगे चलकर, दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान उच्च वेतन, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता के लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस अवधि के बाद, सभी इच्छुक अग्निशमन कर्मियों को उनके चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैनिकों के रूप में नामांकित करने की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकारों ने इस पहल को एक सकारात्मक कदम के रूप में सराहा है और भविष्य में भी ऐसी नीतियों के माध्यम से सार्वजनिक सेवा कर्मियों के करियर विकास को सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की है।