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06 नव. 2026•
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कृषि

केसर शुगर मिल के सीईओ के बड़े ऐलान और प्रशासनिक दबाव पर किसानों की नजरें, बहेड़ी में बकाया गन्ना भुगतान की उम्मीद

✍️ रिपोर्टर: Jeetesh Singh 🗓 06 नव. 2026, 02:47 AM 👁 16
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केसर शुगर मिल के सीईओ शरद मिश्रा ने बड़े ऐलान का संकेत दिया, जिससे बहेड़ी के हजारों किसान बकाया गन्ना भुगतान के ठोस समाधान की प्रतीक्षा में हैं।

केसर शुगर मिल के सीईओ शरद मिश्रा ने आज शुक्रवार को बड़े ऐलान की बात कही थी । जिससे बहेड़ी के किसानों की आशा फिर से जागी है। किसानों का मुख्य प्रश्न यह है कि इस बार उन्हें बकाया गन्ना भुगतान में वास्तविक राहत मिलेगी या केवल आश्वासन ही रहेगा।

लगभग सौ वर्ष पुरानी केशर शुगर मिल और किसानों का करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान अभी भी लंबित है। नीलामी प्रक्रिया में बार‑बार देरी और स्पष्ट निर्णय न मिलने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है, जबकि राज्य के गन्ना मंत्री सहित स्थानीय प्रतिनिधियों से अभी तक ठोस समाधान नहीं मिला है।

बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने एकजुट होकर धरना‑प्रदर्शन किया, जिसमें किसान नेता, व्यापारी, अधिवक्ता और विभिन्न सामाजिक वर्गों ने समर्थन दिया। जिलाधिकारी बरेली, एसडीएम बहेड़ी, एसडीएम नवाबगंज, सीडीओ बरेली, तहसीलदार बहेड़ी और सीओ बहेड़ी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने बकाया गन्ना भुगतान को गंभीरता से लिया और समाधान की अपेक्षा जताई।

केसर शुगर मिल के बंद होने से और बकाया गन्ना भुगतान न मिलने से केवल गन्ना किसानों पर ही नही बल्कि ट्रांसपोर्टर, मजदूर, छोटे व्यापारी और स्थानीय दुकानदारों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। मिल के बंद होने से नकदी प्रवाह में भी कमी आयेगी जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

अब किसानों की उम्मीद है कि प्रशासनिक अधिकारी मिल प्रबंधन से स्पष्ट जवाब लेकर भुगतान और मिल के भविष्य के बारे में ठोस निर्णय लाएँगे। यदि केवल आश्वासन ही दिया गया तो किसानों की निराशा बढ़ेगी, जबकि ठोस कदम उनके घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अगली फसल की तैयारी व त्योहारों को भी स्थिर कर सकते हैं। अब ऐसे में समाधान ही विकल्प है जोकि किसी नही पता कैसे होगा।
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