📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
मौसम
कमज़ोर मानसून में कर्नाटक के जलाशयों की क्षमता 40% पर
✍️ Mangalore Today
🗓 17 जुल. 2026, 02:49 PM
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कर्नाटक के जलाशय केवल 40% भरे हुए हैं क्योंकि मानसून कमजोर रहा, जिससे राज्य की जल आपूर्ति पर चिंता बढ़ रही है।
कर्नाटक के जलाशय केवल 40% क्षमता पर हैं, राज्य अधिकारियों के अनुसार, क्योंकि मानसून ने अपेक्षित वर्षा नहीं दी है। कम पानी की मात्रा क्षेत्र की जलवायु परिवर्तनशीलता के प्रति संवेदनशीलता का स्पष्ट संकेत है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह कमी सिंचाई, पीने के पानी की आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। राज्य सरकार ने किसानों से जल‑संचयन अभ्यास अपनाने का आग्रह किया है और जल भंडारण बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है। पूरे राज्य के निवासी इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं क्योंकि वर्षा का मौसम जारी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई प्रमुख बांध, जैसे कि कावेरी और कृष्णा जलाशय, अपनी इष्टतम स्तर से नीचे काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सूखे की अवधि आने वाले महीनों में जल की कमी को बढ़ा सकती है। सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभाव का आकलन कर रही है और शमन उपायों की योजना बना रही है।
इस बीच, स्थानीय समुदाय अधिक वर्षा और बेहतर जल प्रबंधन रणनीतियों के लिए आह्वान कर रहे हैं ताकि भविष्य में कमी से बचा जा सके। कर्नाटक के जल संसाधन विभाग जलाशयों के स्तर का विस्तृत आकलन तैयार कर रहा है और नई डेटा उपलब्ध होते ही आगे के अपडेट जारी करेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई प्रमुख बांध, जैसे कि कावेरी और कृष्णा जलाशय, अपनी इष्टतम स्तर से नीचे काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सूखे की अवधि आने वाले महीनों में जल की कमी को बढ़ा सकती है। सरकार केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभाव का आकलन कर रही है और शमन उपायों की योजना बना रही है।
इस बीच, स्थानीय समुदाय अधिक वर्षा और बेहतर जल प्रबंधन रणनीतियों के लिए आह्वान कर रहे हैं ताकि भविष्य में कमी से बचा जा सके। कर्नाटक के जल संसाधन विभाग जलाशयों के स्तर का विस्तृत आकलन तैयार कर रहा है और नई डेटा उपलब्ध होते ही आगे के अपडेट जारी करेगा।