📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Utthi
राजनीति
कर्नाटक मंत्री संतोष लाड ने कहा ओबीसी आरक्षण दान नहीं
✍️ indiatoday.in
🗓 30 सित. 2026, 03:32 AM
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कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री संतोष लाड ने कहा कि ओबीसी आरक्षण दान नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है, जबकि कोटा बहस जारी है।
कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री संतोष लाड ने हाल ही में कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए आरक्षण को दान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह आरक्षण संवैधानिक प्रावधानों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सामाजिक असमानताओं को दूर करना है, न कि किसी प्रकार की उदारता प्रदान करना।
लाड ने कहा कि आरक्षण को दान के रूप में पेश करने से सामाजिक न्याय के सिद्धांत को कमजोर किया जा सकता है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने ओबीसी समुदाय के भीतर क्षमता निर्माण और योग्यता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आरक्षण नीति को सशक्त बनाया जा सके।
यह बयान कर्नाटक में आरक्षण नीति को लेकर चल रहे तीव्र बहस के बीच आया है। विपक्षी दल और नागरिक समूह इस बात पर सवाल उठाते रहे हैं कि आरक्षण से योग्यता पर असर पड़ रहा है, जबकि शासक गठबंधन इस नीति को समावेशी विकास के लिए आवश्यक मानता है।
लाड के इस बयान से राज्य विधानसभा में आगामी चर्चा पर असर पड़ सकता है, जहाँ शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में आरक्षण और योग्यता के संतुलन पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
लाड ने कहा कि आरक्षण को दान के रूप में पेश करने से सामाजिक न्याय के सिद्धांत को कमजोर किया जा सकता है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने ओबीसी समुदाय के भीतर क्षमता निर्माण और योग्यता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आरक्षण नीति को सशक्त बनाया जा सके।
यह बयान कर्नाटक में आरक्षण नीति को लेकर चल रहे तीव्र बहस के बीच आया है। विपक्षी दल और नागरिक समूह इस बात पर सवाल उठाते रहे हैं कि आरक्षण से योग्यता पर असर पड़ रहा है, जबकि शासक गठबंधन इस नीति को समावेशी विकास के लिए आवश्यक मानता है।
लाड के इस बयान से राज्य विधानसभा में आगामी चर्चा पर असर पड़ सकता है, जहाँ शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में आरक्षण और योग्यता के संतुलन पर पुनर्विचार किया जा रहा है।