📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Krishna Chaitanya Velaga
बिज़नेस
कर्नाटक ने सिंगापुर कंपनियों को आकर्षित करने की पहल शुरू की
✍️ economictimes.com
🗓 24 सित. 2026, 09:47 PM
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कर्नाटक सरकार ने प्रमुख सिंगापुर कंपनियों को आकर्षित करने के लिए एक विशेष पहल की घोषणा की, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।
कर्नाटक राज्य सरकार ने सिंगापुर स्थित बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नई पहल का एलान किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रयास में लक्षित संपर्क, व्यापार प्रतिनिधिमंडल और राज्य की उत्पादन, प्रौद्योगिकी तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को उजागर करने के लिए प्रोत्साहन शामिल होंगे।
इस आउटरीच कार्यक्रम का समन्वय राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी करेगी, जो संभावित सिंगापुर साझेदारों से रोडशो और सेक्टर‑विशिष्ट बैठकों के माध्यम से जुड़ाव स्थापित करेगी। सरकार ने कर्नाटक की कुशल कार्यशक्ति, ठोस बुनियादी ढांचा और अनुकूल नीतियों को विदेशी निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण बताया है।
विशिष्ट प्रोत्साहनों के विवरण अभी चर्चा में हैं, पर सरकार ने कहा कि यह कदम सिंगापुर के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के उद्देश्य से है, जो एशिया में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रमुख केंद्र है। यह पहल कर्नाटक की औद्योगिक विविधता बढ़ाने और रोजगार सृजन के व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
आगामी हफ्तों में राज्य सिंगापुर के व्यापारिक नेताओं को सहयोगी परियोजनाओं और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए कई संवाद सत्र आयोजित करेगा, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी, उन्नत उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस आउटरीच कार्यक्रम का समन्वय राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी करेगी, जो संभावित सिंगापुर साझेदारों से रोडशो और सेक्टर‑विशिष्ट बैठकों के माध्यम से जुड़ाव स्थापित करेगी। सरकार ने कर्नाटक की कुशल कार्यशक्ति, ठोस बुनियादी ढांचा और अनुकूल नीतियों को विदेशी निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण बताया है।
विशिष्ट प्रोत्साहनों के विवरण अभी चर्चा में हैं, पर सरकार ने कहा कि यह कदम सिंगापुर के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के उद्देश्य से है, जो एशिया में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रमुख केंद्र है। यह पहल कर्नाटक की औद्योगिक विविधता बढ़ाने और रोजगार सृजन के व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
आगामी हफ्तों में राज्य सिंगापुर के व्यापारिक नेताओं को सहयोगी परियोजनाओं और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए कई संवाद सत्र आयोजित करेगा, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी, उन्नत उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।