📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने बैंकों के ₹6,203 करोड़ के दावे पर यूबीएल शेयर पेंशन को मान्यता दी
✍️ Business Standard
🗓 15 अक्टू. 2026, 03:32 AM
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने यूबीएल के शेयर पेंशन को मान्य किया, बैंकों के ₹6,203 करोड़ के संयुक्त दावे को खारिज कर दिया।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि यूनाइटेड बैंक लिमिटेड (यूबीएल) द्वारा दिया गया शेयर पेंशन वैध है, जबकि कई बैंकों ने ₹6,203 करोड़ की बड़ी राशि की वसूली का दावा किया था।
अदालत ने पेंशन समझौते की शर्तों की जांच की और पाया कि यूबीएल ने सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा किया है। इसलिए बैंकों के पेंशन को रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया गया और यूबीएल को पेंशन पर रखे शेयरों पर नियंत्रण बरकरार रखा गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सही ढंग से किए गए पेंशन समझौतों की वैधता को सुदृढ़ करता है और समान बड़े दावों का सामना कर रहे अन्य उधारकर्ताओं को राहत प्रदान कर सकता है। यह फैसला लेनदारों के अधिकारों और अनुबंधीय दायित्वों के संतुलन में न्यायपालिका की भूमिका को भी उजागर करता है।
अदालत ने पेंशन समझौते की शर्तों की जांच की और पाया कि यूबीएल ने सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा किया है। इसलिए बैंकों के पेंशन को रद्द करने के अनुरोध को खारिज कर दिया गया और यूबीएल को पेंशन पर रखे शेयरों पर नियंत्रण बरकरार रखा गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सही ढंग से किए गए पेंशन समझौतों की वैधता को सुदृढ़ करता है और समान बड़े दावों का सामना कर रहे अन्य उधारकर्ताओं को राहत प्रदान कर सकता है। यह फैसला लेनदारों के अधिकारों और अनुबंधीय दायित्वों के संतुलन में न्यायपालिका की भूमिका को भी उजागर करता है।