📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
देश
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 40 साल के कब्जे को स्वामित्व नहीं माना
✍️ Livemint
🗓 04 सित. 2026, 01:33 AM
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि 40 साल तक जमीन का कब्जा होना स्वामित्व का अधिकार नहीं देता।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक दीर्घकालिक भूमि विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया कि चालीस साल तक निरंतर कब्जा होना स्वचालित रूप से कानूनी स्वामित्व नहीं देता। न्यायालय ने यह रेखांकित किया कि कब्जे के साथ अन्य वैधानिक शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
फैसे में अदालत ने ‘विपरीत कब्जा’ सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि लंबी अवधि का कब्जा केवल एक तत्व है, लेकिन यह अकेला मानदंड नहीं है। स्वामित्व स्थापित करने के लिए दावा करने वाले को अधिकार, एकाकी नियंत्रण और जमीन को अपना मानने का इरादा सिद्ध करना आवश्यक है, जैसा कि मौजूदा संपत्ति कानून में निर्धारित है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय राज्य भर में कई चल रहे मामलों को प्रभावित करेगा, जिससे भूमि मालिक और विकासकर्ता अपने दावों की पुनः समीक्षा करेंगे। न्यायालय का यह स्पष्टीकरण वास्तविक मालिकों की सुरक्षा और केवल लंबे समय के कब्जे पर आधारित अटकलों को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
फैसे में अदालत ने ‘विपरीत कब्जा’ सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि लंबी अवधि का कब्जा केवल एक तत्व है, लेकिन यह अकेला मानदंड नहीं है। स्वामित्व स्थापित करने के लिए दावा करने वाले को अधिकार, एकाकी नियंत्रण और जमीन को अपना मानने का इरादा सिद्ध करना आवश्यक है, जैसा कि मौजूदा संपत्ति कानून में निर्धारित है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय राज्य भर में कई चल रहे मामलों को प्रभावित करेगा, जिससे भूमि मालिक और विकासकर्ता अपने दावों की पुनः समीक्षा करेंगे। न्यायालय का यह स्पष्टीकरण वास्तविक मालिकों की सुरक्षा और केवल लंबे समय के कब्जे पर आधारित अटकलों को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।