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08 नव. 2026•
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने ईडी को सीमित किया, कहा ‘सुपर कॉप’ नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
अपराध

कर्नाटक हाई कोर्ट ने ईडी को सीमित किया, कहा ‘सुपर कॉप’ नहीं

✍️ Asianet Newsable 🗓 08 नव. 2026, 02:46 AM 👁 15
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने ईडी को चेतावनी दी कि वह सर्वशक्तिमान जांच एजेंसी नहीं बन सकती, उसके अधिकारों पर कानूनी सीमाएँ बताई।

बेंगलुरु, 7 नवंबर 2026 – कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक स्पष्ट आदेश में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ‘सुपर कॉप’ नहीं है और उसके पास असीमित जांच शक्ति नहीं है। अदालत ने हालिया मनी‑लॉन्डरिंग मामले से जुड़ी याचिका सुनते हुए बताया कि ईडी को मौजूदा कानूनों के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए और प्रक्रिया संबंधी सुरक्षा का सम्मान करना अनिवार्य है।

न्यायालय ने कहा कि एजेंसी की शक्तियाँ मजबूत हैं, परन्तु उन पर न्यायिक निगरानी लागू है और उन्हें मनमाने ढंग से प्रयोग नहीं किया जा सकता। ईडी को मनी‑लॉन्डरिंग रोकथाम अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक विधियों के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया, यह चेतावनी देते हुए कि कोई भी अतिक्रमण अदालत में चुनौती का कारण बन सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय एंटी‑करप्शन प्रयासों और कानून के शासन के बीच संतुलन को सुदृढ़ करता है। यह आदेश भविष्य में ईडी की जांचों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आगे की किसी भी शिकायत को निर्धारित समय सीमा के भीतर दाखिल करने का निर्देश भी दिया, जिससे मामला निकटतम निगरानी में रहेगा।
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