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20 अक्टू. 2026•
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा: बच्चों के लिए स्टीयरिंग व्हील खिलौना नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा: बच्चों के लिए स्टीयरिंग व्हील खिलौना नहीं

✍️ The New Indian Express 🗓 20 अक्टू. 2026, 08:46 AM 👁 17
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि स्टीयरिंग व्हील बच्चों के लिए खिलौना नहीं है, वाहन सुरक्षा के कड़े नियमों की आवश्यकता पर बल दिया।

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक निर्णय में स्पष्ट किया कि स्टीयरिंग व्हील बच्चों के लिए खिलौना नहीं है और इसे सावधानी से संभालना चाहिए। न्यायालय ने बच्चों को वाहन में संभावित खतरों से बचाने के लिए स्टीयरिंग व्हील को सुरक्षित रखने और उपयुक्त सुरक्षा उपाय अपनाने पर जोर दिया।

इस निर्णय में न्यायालय ने माता-पिता, देखभालकर्ताओं और वाहन निर्माताओं से कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने का आग्रह किया, जिसमें बाल सुरक्षा उपकरणों और सही सीट बेल्ट फिटिंग का उपयोग शामिल है। इसके अलावा, मौजूदा बाल सुरक्षा नियमों के सख्त प्रवर्तन की भी माँग की गई।

यह फैसला कारों में बच्चों के घायल होने की बढ़ती चिंताओं के बीच आया है, जिससे विधायकों को सीट बेल्ट और बाल रेस्ट्रेंट कानूनों में संशोधन पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया है। कर्नाटक उच्च न्यायालय का यह दृष्टिकोण भविष्य के सुरक्षा दिशानिर्देशों और प्रवर्तन प्रथाओं पर प्रभाव डालने की उम्मीद है।

हालाँकि इस निर्णय में तत्काल दंड नहीं लगाया गया है, यह एक मजबूत याद दिलाता है कि वाहन सुरक्षा सुविधाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और बच्चों को स्टीयरिंग व्हील के साथ खेलते या छेड़छाड़ करते हुए नहीं छोड़ना चाहिए।
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