📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
राजनीति
कर्नाटक ने दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया
✍️ Hindustan Times
🗓 19 सित. 2026, 01:36 AM
👁 16
कर्नाटक सरकार ने दो तटीय जिलों में तुलु भाषा को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान किया है, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी।
कर्नाटक सरकार ने राज्य के दो तटीय जिलों में तुलु भाषा को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान किया है। यह कदम तटीय क्षेत्र में केंद्रित तुलुभाषी जनसंख्या की लंबी सांस्कृतिक और भाषाई मांग को पूरा करता है।
तुलु भाषा दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में व्यापक रूप से बोली जाती है, जहाँ इसकी गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता है। नए दर्जे से इन जिलों में स्थानीय शासन और आधिकारिक पत्राचार में भाषा के प्रशासनिक उपयोग को सुगम बनने की आशा है।
यह निर्णय कर्नाटक की प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे तुलु भाषा के प्रति दस्तावेजीकरण, शिक्षा और संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिसका क्षेत्र में समृद्ध साहित्यिक और लोक परंपरा रही है।
तुलु भाषा दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में व्यापक रूप से बोली जाती है, जहाँ इसकी गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता है। नए दर्जे से इन जिलों में स्थानीय शासन और आधिकारिक पत्राचार में भाषा के प्रशासनिक उपयोग को सुगम बनने की आशा है।
यह निर्णय कर्नाटक की प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे तुलु भाषा के प्रति दस्तावेजीकरण, शिक्षा और संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिसका क्षेत्र में समृद्ध साहित्यिक और लोक परंपरा रही है।