📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
राजनीति
कर्नाटक सरकार ने केपीएससी भर्ती घोटाले की एसआईटी जांच आदेश को चुनौती दी
✍️ The Times of India
🗓 30 सित. 2026, 07:02 AM
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कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक हाई कोर्ट के केपीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में कर्नाटक सार्वजनिक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित घोटालों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाकर आदेश दिया। यह आदेश उन याचिकाओं के बाद आया था, जिनमें चयन में संभावित हेरफेर और पक्षपात का उल्लेख किया गया था।
इस पर कर्नाटक सरकार ने अपील दायर की है, यह तर्क देते हुए कि यह आदेश न्यायालय की अधिकारिता से बाहर है और प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता है। सरकार का कहना है कि मौजूदा आंतरिक ऑडिट प्रणाली किसी भी अनियमितता को सुलझाने के लिए पर्याप्त है, और अलग एसआईटी की आवश्यकता नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनौती न्यायपालिका की निगरानी भूमिका और कार्यकारी की भर्ती प्रबंधन में स्वायत्तता के बीच तनाव को उजागर करती है। अपील का परिणाम भविष्य में सार्वजनिक सेवा परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तरीके को निर्धारित कर सकता है।
वर्तमान में मामला हाई कोर्ट में लंबित है, दोनों पक्ष अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो केपीएससी की चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और राज्य में शासन की व्यापक धारणा को प्रभावित कर सकता है।
इस पर कर्नाटक सरकार ने अपील दायर की है, यह तर्क देते हुए कि यह आदेश न्यायालय की अधिकारिता से बाहर है और प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता है। सरकार का कहना है कि मौजूदा आंतरिक ऑडिट प्रणाली किसी भी अनियमितता को सुलझाने के लिए पर्याप्त है, और अलग एसआईटी की आवश्यकता नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनौती न्यायपालिका की निगरानी भूमिका और कार्यकारी की भर्ती प्रबंधन में स्वायत्तता के बीच तनाव को उजागर करती है। अपील का परिणाम भविष्य में सार्वजनिक सेवा परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तरीके को निर्धारित कर सकता है।
वर्तमान में मामला हाई कोर्ट में लंबित है, दोनों पक्ष अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो केपीएससी की चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और राज्य में शासन की व्यापक धारणा को प्रभावित कर सकता है।