📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
राजनीति
कर्नाटक ड्राफ्ट बिल में बुजुर्गों को छोड़ने पर 2 साल तक की जेल और ₹1 लाख जुर्माना
✍️ Mangalore Today
🗓 31 अक्टू. 2026, 02:26 PM
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कर्नाटक में पेश किया गया ड्राफ्ट बिल बुजुर्गों को छोड़ने वालों पर दो साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखता है।
कर्नाटक सरकार ने बुजुर्गों के परित्याग को रोकने के लिए एक ड्राफ्ट बिल पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी वरिष्ठ नागरिक को बिना देखभाल के छोड़ देता है तो उसे अधिकतम दो साल की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
यह मसौदा राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है और राज्य में बढ़ती बुजुर्गों की उपेक्षा की घटनाओं को संबोधित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मौजूदा कल्याण योजनाओं को सुदृढ़ करेगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई के लिए स्पष्ट अधिकार प्रदान करेगा।
बुजुर्ग अधिकार संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और विधायिका से शीघ्र पारित करने तथा कार्यान्वयन के स्पष्ट दिशा‑निर्देश जारी करने की अपील की है। यह प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा के लिए निर्धारित है।
यदि पारित हो जाता है, तो कर्नाटक उन कुछ भारतीय राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनके पास बुजुर्गों के परित्याग को रोकने के विशेष कानून हैं, जिससे वृद्ध जनसंख्या के अधिकारों और सुरक्षा पर बढ़ती नीति‑ध्यान दर्शाता है।
यह मसौदा राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है और राज्य में बढ़ती बुजुर्गों की उपेक्षा की घटनाओं को संबोधित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मौजूदा कल्याण योजनाओं को सुदृढ़ करेगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई के लिए स्पष्ट अधिकार प्रदान करेगा।
बुजुर्ग अधिकार संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और विधायिका से शीघ्र पारित करने तथा कार्यान्वयन के स्पष्ट दिशा‑निर्देश जारी करने की अपील की है। यह प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र में चर्चा के लिए निर्धारित है।
यदि पारित हो जाता है, तो कर्नाटक उन कुछ भारतीय राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनके पास बुजुर्गों के परित्याग को रोकने के विशेष कानून हैं, जिससे वृद्ध जनसंख्या के अधिकारों और सुरक्षा पर बढ़ती नीति‑ध्यान दर्शाता है।