🔥 ट्रेंडिंग आजमनगर-दमदमा मार्ग पर पुल निर्माण की स... प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में हरियाण... छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अनरजिस्टर्ड... कांकेर पुलिस ने शुरू किया 'मिशन रक्षक'... उडांती टाइगर रिज़र्व में पोटैश बॉम्ब स... बिहार के शेखपुरा में सीएसपी अधिकारी पर...
03 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
कर्नाटक उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम से निष्पक्ष सूखा मूल्यांकन की मांग की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of External Affairs
राजनीति

कर्नाटक उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम से निष्पक्ष सूखा मूल्यांकन की मांग की

✍️ The News Mill 🗓 03 अक्टू. 2026, 08:48 PM 👁 15
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कर्नाटक उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय सरकार से राज्य के सूखे का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का आग्रह किया, पारदर्शी आंकड़ों और समय पर सहायता की ज़रूरत पर बल दिया।

कर्नाटक वर्तमान में गंभीर जल संकट से जूझ रहा है, जिसने राज्य भर में लाखों किसानों और निवासियों को प्रभावित किया है। उपमुख्यमंत्री ने एक प्रेस ब्रीफिंग में केंद्रीय टीम से सूखे के प्रभाव का व्यापक और निष्पक्ष मूल्यांकन करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि मौजूदा डेटा संग्रहण विधियाँ असंगत हैं और केंद्रीय अधिकारियों से स्पष्ट, डेटा‑आधारित रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया, जो राहत उपायों का मार्गदर्शन करेगी। उपमुख्यमंत्री ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों को तुरंत संसाधन आवंटित करने की भी माँग की।

यह आग्रह बढ़ती चिंताओं के बीच आया है कि विलंबित मूल्यांकन समय पर जल और वित्तीय सहायता के वितरण में बाधा डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी मूल्यांकन प्रभावी नीति नियोजन के लिए अनिवार्य है।

केंद्रीय सरकार ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु उपमुख्यमंत्री का आह्वान वर्तमान सूखा निगरानी प्रोटोकॉल की समीक्षा और प्रभावित समुदायों के लिए समर्थन को तेज करने का संकेत देता है।
📲Get App