📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
अपराध
कर्नाटक क्राइम ब्रांच ने सिद्धरमैया को निशाना बनाते वीडियो के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया
✍️ Hindustan Times
🗓 15 अक्टू. 2026, 06:19 AM
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कर्नाटक क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर सिद्धरमैया को निशाना बनाते वीडियो फैलाने वाले दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया, अधिकारियों ने बताया।
कर्नाटक क्राइम ब्रांच ने दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जिन पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर साझा करने का आरोप है। ये वीडियो ऑनलाइन व्यापक रूप से फैलने के बाद कई शिकायतें दर्ज हुईं, जिससे पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान यह पता चला कि इन दो व्यक्तियों ने ही वीडियो का निर्माण और प्रसार किया था, और उन्होंने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए कानून के तहत कार्रवाई का सामना किया।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को वर्तमान में पुलिस हिरासत में रखा गया है और आगे की पूछताछ चल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किस हद तक जिम्मेदार हैं और क्या कोई बड़ा नेटवर्क इन कार्यों में शामिल है। अभी तक कोई औपचारिक आरोपपत्र जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, परन्तु ऐसे कंटेंट जो सार्वजनिक व्यक्तियों की बदनामी या सामाजिक अशांति का कारण बनता है, उसे साइबर और आपराधिक कानूनों के तहत दंडित किया जाएगा। यह घटना कर्नाटक में ऑनलाइन सामग्री की निगरानी की बढ़ती आवश्यकता को उजागर करती है।
क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं और मीडिया से अनुरोध किया है कि वे चल रही जांच का सम्मान करें।
जांच के दौरान यह पता चला कि इन दो व्यक्तियों ने ही वीडियो का निर्माण और प्रसार किया था, और उन्होंने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए कानून के तहत कार्रवाई का सामना किया।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को वर्तमान में पुलिस हिरासत में रखा गया है और आगे की पूछताछ चल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे किस हद तक जिम्मेदार हैं और क्या कोई बड़ा नेटवर्क इन कार्यों में शामिल है। अभी तक कोई औपचारिक आरोपपत्र जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, परन्तु ऐसे कंटेंट जो सार्वजनिक व्यक्तियों की बदनामी या सामाजिक अशांति का कारण बनता है, उसे साइबर और आपराधिक कानूनों के तहत दंडित किया जाएगा। यह घटना कर्नाटक में ऑनलाइन सामग्री की निगरानी की बढ़ती आवश्यकता को उजागर करती है।
क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं और मीडिया से अनुरोध किया है कि वे चल रही जांच का सम्मान करें।