📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 5 वर्ष से अधिक खाली पड़े भूखंडों पर दोगुना कर लगाने का प्रस्ताव रखा
✍️ The Hindu
🗓 01 अग. 2026, 10:03 PM
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि पाँच वर्ष से अधिक समय से खाली पड़े भूखंडों पर दोगुना संपत्ति कर लगाया जाएगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने एक नई नीति की घोषणा की है, जिसके तहत पाँच वर्ष से अधिक समय से खाली पड़े किसी भी भूखंड पर संपत्ति कर दोगुना कर दिया जाएगा। यह निर्णय भूमि के लंबे समय तक निष्क्रिय रहने को रोकने और रियल एस्टेट के सक्रिय उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस नियम के तहत, खाली पड़े भूखंडों के मालिकों को वर्तमान मानक दर से दोगुना कर देना होगा। सरकार ने इस कदम को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती हुई अनउपयोगी जमींदारी की समस्या के जवाब में बताया है, जिसे विकास और कर राजस्व दोनों पर असर पड़ता है।
हालाँकि सरकार ने अभी तक विस्तृत कार्यान्वयन योजना जारी नहीं की है, अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव आगामी संपत्ति कर मूल्यांकन चक्र में शामिल किया जाएगा। हितधारक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि नया दर कैसे गणना और लागू किया जाएगा।
इस घोषणा ने रियल‑एस्टेट पेशेवरों और स्थानीय समुदायों का ध्यान खींचा है, जो कर्नाटक में भूमि स्वामित्व और बाज़ार गतिशीलता पर इस नीति के प्रभाव को लेकर सतर्क हैं।
इस नियम के तहत, खाली पड़े भूखंडों के मालिकों को वर्तमान मानक दर से दोगुना कर देना होगा। सरकार ने इस कदम को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती हुई अनउपयोगी जमींदारी की समस्या के जवाब में बताया है, जिसे विकास और कर राजस्व दोनों पर असर पड़ता है।
हालाँकि सरकार ने अभी तक विस्तृत कार्यान्वयन योजना जारी नहीं की है, अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव आगामी संपत्ति कर मूल्यांकन चक्र में शामिल किया जाएगा। हितधारक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि नया दर कैसे गणना और लागू किया जाएगा।
इस घोषणा ने रियल‑एस्टेट पेशेवरों और स्थानीय समुदायों का ध्यान खींचा है, जो कर्नाटक में भूमि स्वामित्व और बाज़ार गतिशीलता पर इस नीति के प्रभाव को लेकर सतर्क हैं।