📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
शिक्षा
कर्नाटक के सीएम बासवराज शिवाकुमार ने सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ करने की पहल शुरू की
✍️ Asianet Newsable
🗓 05 नव. 2026, 12:36 AM
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मुख्यमंत्री बासवराज शिवाकुमार ने कर्नाटक के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे और शैक्षणिक परिणामों को बेहतर बनाने के लिए नई पहल की घोषणा की।
बेंगलुरु, कर्नाटक – मुख्यमंत्री बासवराज शिवाकुमार ने आज राज्य भर के सरकारी स्कूलों को आधुनिकीकरण करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की। इस योजना में कक्षा‑कक्षों का नवीनीकरण, आधुनिक शिक्षण उपकरणों की उपलब्धता और शिक्षकों के प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना शामिल है, जिससे सार्वजनिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस पहल के लिए राज्य बजट और केंद्र सरकार के अनुदान का संयुक्त उपयोग किया जाएगा, और पहले वर्ष में 500 स्कूलों को लक्षित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लर्निंग टूल्स, स्वच्छ शौचालय और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ भी इस योजना का हिस्सा होंगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कार्यक्रम विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में नामांकन बढ़ाएगा और ड्रॉप‑आउट दर को घटाएगा, जहाँ सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों से पीछे रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कर्नाटक के विकास का मूल स्तम्भ है और इस परियोजना की सफलता के लिए समुदाय की भागीदारी आवश्यक है।
इस योजना की प्रगति की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क‑फोर्स गठित किया गया है, जो त्रैमासिक रूप से राज्य मंत्रिमंडल को रिपोर्ट करेगा। शिक्षकों के संघ और अभिभावक समूहों को भी कार्यान्वयन चरण में अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इस पहल के लिए राज्य बजट और केंद्र सरकार के अनुदान का संयुक्त उपयोग किया जाएगा, और पहले वर्ष में 500 स्कूलों को लक्षित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लर्निंग टूल्स, स्वच्छ शौचालय और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ भी इस योजना का हिस्सा होंगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कार्यक्रम विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में नामांकन बढ़ाएगा और ड्रॉप‑आउट दर को घटाएगा, जहाँ सरकारी स्कूलों को निजी संस्थानों से पीछे रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कर्नाटक के विकास का मूल स्तम्भ है और इस परियोजना की सफलता के लिए समुदाय की भागीदारी आवश्यक है।
इस योजना की प्रगति की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क‑फोर्स गठित किया गया है, जो त्रैमासिक रूप से राज्य मंत्रिमंडल को रिपोर्ट करेगा। शिक्षकों के संघ और अभिभावक समूहों को भी कार्यान्वयन चरण में अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है।