📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
स्वास्थ्य
कर्नाटक ने रोगी बिल और अस्पताल दवा कीमतों के बड़े अंतर को लेकर केंद्र से कार्रवाई की मांग की
✍️ Medical Dialogues
🗓 04 अक्टू. 2026, 05:03 AM
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कर्नाटक सरकार ने केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर अस्पतालों द्वारा दवाओं की खरीद लागत और रोगियों को वसूले जाने वाले बिलों के बीच बड़े अंतर को उजागर किया है और केंद्रीय कार्रवाई की मांग की है।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय को औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया है कि सार्वजनिक अस्पतालों द्वारा दवाओं की खरीद लागत रोगियों से ली जाने वाली राशि से बहुत कम है। राज्य के अधिकारियों का कहना है कि इस अंतर से विशेषकर कम आय वर्ग के रोगियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
पत्र में कर्नाटक सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि वह मूल्य नियंत्रण, पारदर्शी बिलिंग या दवा खरीद ढाँचे की समीक्षा जैसे कदम उठाकर इस अंतर को कम करने की नीति बनाये। राज्य ने कोई विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए, पर अंतर को "बड़ा" और सस्ती स्वास्थ्य सेवा के लिए हानिकारक बताया है।
यह अपील राष्ट्रीय स्तर पर दवा मूल्य निर्धारण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर चल रही चर्चा के बीच आती है। कर्नाटक के अधिकारी आश्वस्त हैं कि वे स्थिति की निगरानी जारी रखेंगे और रोगियों को अत्यधिक खर्च से बचाने हेतु केंद्र के साथ सहयोग करेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और आवश्यकता पड़ने पर राज्य आगे की बातचीत जारी रखने की योजना बना रहा है।
पत्र में कर्नाटक सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि वह मूल्य नियंत्रण, पारदर्शी बिलिंग या दवा खरीद ढाँचे की समीक्षा जैसे कदम उठाकर इस अंतर को कम करने की नीति बनाये। राज्य ने कोई विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए, पर अंतर को "बड़ा" और सस्ती स्वास्थ्य सेवा के लिए हानिकारक बताया है।
यह अपील राष्ट्रीय स्तर पर दवा मूल्य निर्धारण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर चल रही चर्चा के बीच आती है। कर्नाटक के अधिकारी आश्वस्त हैं कि वे स्थिति की निगरानी जारी रखेंगे और रोगियों को अत्यधिक खर्च से बचाने हेतु केंद्र के साथ सहयोग करेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और आवश्यकता पड़ने पर राज्य आगे की बातचीत जारी रखने की योजना बना रहा है।