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कर्नाटक ने 2030 तक 66 GW बिजली क्षमता का लक्ष्य, साफ़ ऊर्जा पर ज़ोर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Power
बिज़नेस

कर्नाटक ने 2030 तक 66 GW बिजली क्षमता का लक्ष्य, साफ़ ऊर्जा पर ज़ोर

✍️ The Hindu 🗓 04 सित. 2026, 01:48 AM 👁 32
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राज्य सरकार ने 2030 तक 66 गीगावॉट बिजली क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा को मुख्य आधार बनाया गया है।

बेंगलुरु – कर्नाटक सरकार ने 2030 के अंत तक कुल स्थापित बिजली क्षमता को 66 गीगावॉट तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया है। इस योजना में सौर, पवन और जलविद्युत जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को नई क्षमता वृद्धि का मुख्य केंद्र बनाया गया है, जिससे पारंपरिक थर्मल प्लांटों से हटकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव स्पष्ट होता है।
सरकार ने बताया कि इस लक्ष्य को नीति प्रोत्साहन, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी के माध्यम से हासिल किया जाएगा। मौजूदा नवीकरणीय परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सौर पार्क और पवन ऊर्जा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
राज्य अधिकारियों ने कहा कि यह योजना भारत के राष्ट्रीय स्वच्छ‑ऊर्जा प्रतिबद्धताओं के साथ मेल खाती है और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस पहल से घरेलू और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करने की उम्मीद है।
कार्यान्वयन की निगरानी कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा की जाएगी, जो वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एजेंसी को 66‑GW लक्ष्य को ग्रिड की स्थिरता को बनाए रखते हुए पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
यदि यह योजना सफल रहती है, तो कर्नाटक भारत के प्रमुख स्वच्छ‑ऊर्जा केंद्रों में से एक बन सकता है, जिससे अन्य राज्यों को विकास और पर्यावरणीय लक्ष्यों के संतुलन का मॉडल मिल सकेगा।
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