स्थानीय
केरेडारी में एनटीपीसी‑बीजीआर की पोकलेन मशीन से मुख्य रास्ता काटने पर ग्रामीणों ने खुद बनाई वैकल्पिक सड़क
केरेडारी (हजारीबाग) में बिना सूचना के मुख्य रास्ता काटने के बाद स्थानीय रैयत ग्रामीणों ने बीजीआर की पोकलेन मशीन बंद कराई और कटे हुए मार्ग को स्वयं भरकर चलने योग्य बना दिया।
केरेडारी प्रखंड में एनटीपीसी और बीजीआर कंपनियों ने बिना किसी पूर्व सूचना या जन‑सुनवाई के गाँव के मुख्य रास्ते को पोकलेन मशीन से काट दिया, जिससे स्थानीय रैयत ग्रामीणों में तीव्र असंतोष उत्पन्न हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक रास्ता बंद होने से स्कूल‑बच्चों, बुजुर्गों और विशेषकर रोगियों की जान‑बूझ कर खतरे में डाल दिया गया है, क्योंकि वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
इस खबर के प्रसार के साथ ही ग्रामीणों ने एकजुट होकर बीजीआर की पोकलेन मशीन को तुरंत बंद करवाया और कटे हुए हिस्से को मिट्टी‑पत्थर से भरकर फिर से चलने योग्य बना दिया।
ग्रामीणों ने कंपनी को कड़ी चेतावनी दी है कि केरेडारी में ऐसी मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक ग्रामीणों के लिये पक्की वैकल्पिक सड़क नहीं बनायी जाती, तब तक मुख्य रास्ते को कोई नहीं छू सकता।
यह घटना केरेडारी (हजारीबाग) से अब तक की सबसे बड़ी स्थानीय खबर के रूप में सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक रास्ता बंद होने से स्कूल‑बच्चों, बुजुर्गों और विशेषकर रोगियों की जान‑बूझ कर खतरे में डाल दिया गया है, क्योंकि वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
इस खबर के प्रसार के साथ ही ग्रामीणों ने एकजुट होकर बीजीआर की पोकलेन मशीन को तुरंत बंद करवाया और कटे हुए हिस्से को मिट्टी‑पत्थर से भरकर फिर से चलने योग्य बना दिया।
ग्रामीणों ने कंपनी को कड़ी चेतावनी दी है कि केरेडारी में ऐसी मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक ग्रामीणों के लिये पक्की वैकल्पिक सड़क नहीं बनायी जाती, तब तक मुख्य रास्ते को कोई नहीं छू सकता।
यह घटना केरेडारी (हजारीबाग) से अब तक की सबसे बड़ी स्थानीय खबर के रूप में सामने आई है।