स्थानीय
केरेडारी कोल माइंस में ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: बोनस न मिलने पर प्रबंधन पर रोष
एनटीपीसी एनएमएल की एमडीओ कंपनी बीजीआर के ड्राइवरों ने 3 वर्ष से बोनस न मिलने के कारण 3 नवम्बर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जिससे कोयला परिवहन और उत्पादन पर असर पड़ा।
हजारीबाग से रिपोर्टर:आकाश भारती की रिपोर्ट
केरेडारी कोल माइंस में ड्राइवरों ने 3 वर्ष से बोनस न मिलने के कारण 3 नवम्बर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। यह हड़ताल एनटीपीसी एनएमएल की एमडीओ कंपनी बीजीआर के ड्राइवरों द्वारा की गई है।
मजदूरों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से बोनस का भुगतान नहीं किया गया है और बार-बार कंपनी प्रबंधन से मांग करने पर केवल झूठे आश्वासन मिले हैं। वे स्पष्ट कर रहे हैं कि बोनस उनका वैध अधिकार है और जब तक बीजीआर प्रबंधन लिखित निर्णय नहीं लेता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रबंधन ने अब तक कोई वार्ता की पहल नहीं की है, जिससे मजदूरों में गहरा रोष बढ़ रहा है। ड्राइवरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और प्रबंधन पर लगातार टालमटोल की निंदा की है।
इस हड़ताल के कारण कोयला परिवहन और खनन कार्य ठप हो गया है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ा है। स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग को भी इस घटना की जानकारी दी गई है। प्रबंधन से उम्मीद है कि वे शीघ्र वार्ता शुरू करेंगे, अन्यथा आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।
केरेडारी कोल माइंस में ड्राइवरों ने 3 वर्ष से बोनस न मिलने के कारण 3 नवम्बर 2026 को सुबह 6 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। यह हड़ताल एनटीपीसी एनएमएल की एमडीओ कंपनी बीजीआर के ड्राइवरों द्वारा की गई है।
मजदूरों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से बोनस का भुगतान नहीं किया गया है और बार-बार कंपनी प्रबंधन से मांग करने पर केवल झूठे आश्वासन मिले हैं। वे स्पष्ट कर रहे हैं कि बोनस उनका वैध अधिकार है और जब तक बीजीआर प्रबंधन लिखित निर्णय नहीं लेता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रबंधन ने अब तक कोई वार्ता की पहल नहीं की है, जिससे मजदूरों में गहरा रोष बढ़ रहा है। ड्राइवरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और प्रबंधन पर लगातार टालमटोल की निंदा की है।
इस हड़ताल के कारण कोयला परिवहन और खनन कार्य ठप हो गया है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ा है। स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग को भी इस घटना की जानकारी दी गई है। प्रबंधन से उम्मीद है कि वे शीघ्र वार्ता शुरू करेंगे, अन्यथा आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।